यात्रियों को कतार में लगवाकर जीआरपी कर्मी उन्हें एक-एक कर स्टेशन पर भेज रहे थे। प्लेटफॉर्म एंट्री से पहले लगे सैनिटाइजर से यात्रियों ने हाथ साफ किए और फिर लगेज स्कैनिंग के लिए रखा। लेकिन स्कैनर खराब था। एंट्री पर ही खड़ी महिला आरपीएफ कर्मी ने यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। यात्रियों ने कैमरे के सामने टिकट किया, लेकिन रेलकर्मी मोबाइल में बिजी थे। उन्होंने टिकट तक चेक नहीं किया। बगैर टिकट दिखाए ही कुछ यात्री प्लेटफॉर्म पर चले गए। पुष्पक आई तो उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। यह हाल सोमवार शाम पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। जहां रात 7:45 बजे मुंबई के लिए पुष्पक एक्सप्रेस रवाना होनी थी।
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ड्यूटी के समय रेलवे कर्मचारी मोबाइल में व्यस्त, व्यवस्थाएं ध्वस्त, जानें- कैसा है रेलवे स्टेशन का माहौल
Tue, 13 Oct 2020 03:31 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 13 Oct 2020 03:31 PM IST
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बिना टिकट चेक किए ही यात्री आ रहे अंदर, मोबाइल पर व्यस्त कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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स्टेशन पर रेल कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई, जबकि आरपीएफ व जीआरपी मुस्तैदी से ड्यूटी करते मिले। जैसे-जैसे ट्रेनों का संचालन बढ़ता जा रहा है, लखनऊ जंक्शन पर व्यवस्थाएं चौपट होती जा रही हैं।
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यात्री बढ़ते ही हुए सुस्त
1 जून से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो रेलवे स्टेशन पर अफसरों की चुस्ती भी देखने को मिली लेकिन जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकारियों की चुस्ती सुस्ती में बदल रही है। आलम यह है कि मंडल कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन का भ्रमण तक नहीं करते।
1 जून से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो रेलवे स्टेशन पर अफसरों की चुस्ती भी देखने को मिली लेकिन जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकारियों की चुस्ती सुस्ती में बदल रही है। आलम यह है कि मंडल कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन का भ्रमण तक नहीं करते।
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नियमों की परवाह किसे
पुष्पक एक्सप्रेस में सोशल डिस्टेंसिंग का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। आलम यह रहा कि यात्री एक दूसरे से बिल्कुल सटकर बैठे थे। ना उनके मुंह पर मास्क था और ना किसी अन्य प्रकार का बचाव कर रहे थे।
पुष्पक एक्सप्रेस में सोशल डिस्टेंसिंग का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। आलम यह रहा कि यात्री एक दूसरे से बिल्कुल सटकर बैठे थे। ना उनके मुंह पर मास्क था और ना किसी अन्य प्रकार का बचाव कर रहे थे।
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लखनऊ जंक्शन पर आवारा कुत्तों तो चारबाग रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक है। सोमवार शाम जब ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो यात्री बंदरों से अपना सामान बचाते नजर आए। वहीं लखनऊ जंक्शन पर खाने-पीने के कुछ स्टॉल ही खुले हैं। ऐसे में यात्रियों को पीने के पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। हालांकि प्लेटफॉर्म पर लगे नलों में पानी आ रहा था, पर वह गर्म होने से पीने लायक नहीं था।