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पारा 40 पार, भट्ठी से तपते ट्रकों में भरे चले आ रहे हैं प्रवासी मजदूर, सारे इंतजाम ध्वस्त, तस्वीरें

Tue, 19 May 2020 06:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 19 May 2020 06:07 PM IST
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pravasi mazdoor is traveling in inhuman conditions.
- फोटो : amar ujala

सड़कें तप रही हैं। पारा 40 पार हो चला है। धूप इतनी तीखी कि झुलसा दे...। भट्ठी सा तपते ट्रकों के डाले...। उनमें वो ठुंसे हुए चले आ रहे हैं। भूख-प्यास से बेहाल...। बेचैन ? समझ में ही नहीं आता कि बेचैनी की वजह क्या है? भूख? प्यास? रोजी-रोजगार छिनने का डर? ...या फिर वो भट्ठी, जिसमें वो सफर करने को मजबूर हैं? पर सुकूं हैं कि सिर पर तिरपाल है। जिंदगी की तल्ख धूप में सिर पर कुछ तो है!!! ये एहसास भी एक सहारा ही है।



लॉकडाउन-4 के पहले दिन लखनऊ में सारे इंतजाम ध्वस्त हो गए। सोमवार को काकोरी में एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा और निगोहां बॉर्डर पर ट्रक-टैंकर, डाला-लोडर आदि वाहनों में भरकर आ रहे श्रमिकों को रोकने का पुलिस-प्रशासन का दावा हवाई साबित हुआ।

pravasi mazdoor is traveling in inhuman conditions.
- फोटो : amar ujala

शहर की सड़कों पर भी वाहनों का रेला उमड़ पड़ा। ऑफिस के लिए घरों से निकले लोगों ने लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा दीं। कई रास्तों पर ऑटो और ई-रिक्शा भी चलते मिले। न कहीं सतर्कता दिखाई दी न ही चेकिंग होती नजर आई। वाहन चालकों को रोककर उनके पास तक नहीं देखे गए। उधर, शहीद पथ से वाहनों में भरे महाराष्ट्र के श्रमिकों को कमता स्थित बस अड्डे लाकर अवध शिल्पग्राम भेजा गया जहां से सभी रोडवेज बसों से अपने गृह जनपद रवाना हुए।

pravasi mazdoor is traveling in inhuman conditions.
- फोटो : amar ujala

टोल प्लाजा पर टेंट में आराम फरमाती रही पुलिस: आगरा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा पर महाराष्ट्र से ट्रकों-टैंकर और डाला में भरकर श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी रहा। यहां मजदूरों को रोकने और उनकी सुरक्षा समेत अन्य इंतजाम नहीं थे। यहां तैनात काकोरी इंस्पेक्टर घनश्याम मणि त्रिपाठी और अन्य पुलिसकर्मी भी पास ही लगे टेंट में बैठकर आराम फरमाते रहे।

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pravasi mazdoor is traveling in inhuman conditions.
प्रवासी मजदूर - फोटो : amar ujala

बचपन तो तमाम परेशानियों के बीच भी हंसी-खुशी के कुछ पल तलाश ही लेता है। शहीद पथ पर पैदल चल रहे कुछ प्रवासी श्रमिक जब थक कर बैठ गए तो उनके बच्चे कुछ स्थानीय बच्चों के साथ पेड़ पर चढ़कर मस्ती करने लगे। मानो उनकी सारी परेशानियां खत्म हाे गईं।

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pravasi mazdoor is traveling in inhuman conditions.
- फोटो : amar ujala

बीकेटी, इटौंजा थाना क्षेत्रों में सीतापुर रोड पर पुलिस टीमों ने पैदल व विभिन्न प्रकार के निजी वाहनों से आ रहे 250 मजदूरों को बसों में बैठाकर गंतव्य के लिए भेजा।

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