नगर निगम-एलडीए के बाद अब लखनऊ पुलिस भी जाग गई। बेटियों की सुरक्षा के लिए पांच साल पहले बने निर्भया फंड से सवा अरब का एक अलग प्रोजेक्ट तैयार किया है।
प्रस्ताव में सभी क्षेत्रों में महिला थाने, पिंक पुलिस बूथ व पेट्रोलिंग की व्यवस्था होगी। सीसीटीवी कैमरों की सेंट्रलाइज्ड मॉनीटरिंग के लिए वीडियो एनालिसिस व फेस रिकेग्नेशन सिस्टम लगाया जाएगा। इनका इस्तेमाल शोहदों व दरिंदों को पकड़ने में किया जाएगा। सोशल साइट्स पर भी पुलिस नजर रखेगी। साथ ही पिंक बस और पिंक टैक्सी की भी व्यवस्था की जाएगी।
प्रोजेक्ट को कई हिस्सों में बांटा गया है और सभी के अलग-अलग नाम दिए गए हैं। जैसे पिंक पुलिस, दृष्टि, नजर और नमन प्रोजेक्ट। इसके तहत पूर्वी, पश्चिम, ट्रांसगोमती, उत्तरी व ग्रामीण क्षेत्र में महिला थाने का प्रस्ताव है। अभी तक सिर्फ एक महिला थाना है, पुलिस अफसरों ने चार और महिला थानों की जरूरत बताई है।
वहीं पुलिस बूथ की तर्ज पर शहर भर में दो सौ से अधिक पिंक पुलिस बूथ और यूपी-100 की तर्ज पर विभिन्न संसाधनों से लैस गाड़ियों पर पिंक पुलिस की टीमें राजधानी के सभी स्थानों पर गश्त करेगी। इसके लिए कार व बाइकें खरीदी जाएंगी।
प्रोजेक्ट के एक हिस्से को दृष्टि नाम दिया गया है। इसके तहत शहर के प्रमुख चौराहों के साथ, पार्क व बाजारों में हाई फ्रीक्वेंसी के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन्हें मॉल के सीसीटीवी कैमरों से भी जोड़ा जाएगा। खास बात है कि इनकी सेंट्रलाइज्ड मॉनीटरिंग होगी।