देशभर में हमले की साजिश रचने में गिरफ्तार पीएफआई के दोनों कमांडरों से एसटीएफ की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आतंक फैलाने की साजिश साल भर पहले रची गई थी। इसमें भीड़ पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना थी। इसे सीएए और एनआरसी के हिंसक आंदोलन को असफल होने के बाद अंजाम देना था। मगर, पीएफआई के कई नेताओं की गिरफ्तारी व कोविड-19 के कारण लॉक डाउन के चलते साजिश टाल दी गई थी। उस साजिश को इसी फरवरी के अंत में अंजाम देना था।
डायरी के पन्नों से आतंकियों की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश, अंग्रेजी-मलयालम में लिख रखा था पूरा प्लान व कोडवर्ड
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डायरी के पन्नों पर साजिश का खुलासा
दोनों के पास से डायरी का जो पन्ना मिला है वह जनवरी 2020 का है। इसमें कुछ अंग्रेजी व कुछ मलयालम भाषा में कोड वर्ड लिखा है। अंग्रेजी के कोड वर्ड को एसटीएफ व एटीएस ने डीकोड कर लिया है। मलयालम में लिखे कोड के लिए संबंधित भाषा के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया। दोनों के पास से एक पेन ड्राइव भी मिला है, जिसमें मलयालम में कई कोड वर्ड लिखे हैं।
एक धमाके से साफ हो सकता है 30 मीटर का इलाका
एसटीएफ के मुताबिक, दोनों के पास मिला एक विस्फोटक एक बार में 30 मीटर के दायरे में बने हाई राइज बिल्डिंग को जमींदोज कर सकता है। इसे रिमोट व टाइमर से संचालित किया जाता है। विस्फोटक जैल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से तैयार किया गया है। एसटीएफ को विस्फोटक सामग्री तो मिल गई है, लेकिन रिमोट डिवाइस नहीं मिला है। दोनों ने कुबूला है कि उन्होंने विस्फोटक बनाना बांग्लादेश में सीखा है।
हिंदू संगठनों के विरोध करने वालों को देते थे सुरक्षा
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक पीएफआई कमांडरों ने कुबूल किया है कि वे हिंदू संगठनों का खुला विरोध करने वाले दूसरे संप्रदाय के लोगों को सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। इसके लिए दोनों ने दक्षिण भारत में हुई सलाउद्दीन शेख की हत्या का जिक्र किया। दोनों ने कहा कि सलाउद्दीन शेख संघ व हिंदू संगठनों का विरोध करता था। उसे हमने सुरक्षा देने की पेशकश की थी। हालांकि इससे पहले ही उसकी हत्या हो गई। उसके परिजनों ने हिंदू संगठनों पर आरोप लगाया है। पीएफआई उसके परिवार की सुरक्षा का इंतजाम कर रही है।
पीएफआई ने कई विंग बना रखे हैं। संगठन को निचले स्तर पर मजबूत करने के लिए छात्रों को जोड़ने के लिए स्टूडेंट फेडरेशन भी बना रखा है, जो स्कूल-कॉलेजों में सक्रिय है। संगठन के लोग छात्रों से मिलकर उनका ब्रेन वॉश करते हैं। इसके बाद उनको संगठन से जोड़ते हैं। इसी तरह एक मजबूत लीगल सेल भी बना रखा है, जो पूरे देश में सक्रिय है। हर प्रदेश में बड़ी मजबूत वकीलों की टीम तैयार की है, जो संगठन से जुड़े लोगों को पुलिस द्वारा पकड़ने पर तत्काल कानूनी सहारा लेना शुरू कर देता है। यह दोनों संगठन एक इशारे पर सक्रिय हो जाते हैं।