पूर्वोत्तर रेलवे की कारस्तानी का खामियाजा पैसेंजरों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। आगे की स्लाइड पर क्लिक करके पूरा मामला पढें ।
90 सीटों की बोगी में रेलवे 108 मुसाफिरों के टिकट बुक कर रहा है। नब्बे के ऊपर जिनको सीट आरक्षित की जाती है, वे जब स्टेशन पहुंचते हैं तो अपनी सीट ही खोजते रहते हैं।
मामला है गोरखपुर बादशाहनगर इंटरसिटी (15069) का। रविवार को महिला यात्री सुरभि मिश्र ने डीआरएम विजयलक्ष्मी कौशिक से शिकायत दर्ज कराई कि गोरखपुर बादशाहनगर इंटरसिटी (15069) की डी-6 में उन्होंने रिजर्वेशन करवाया और उन्हें 97 नंबर सीट अलॉट की गई। उन्हें बलरामपुर से बादशाहनगर आना था। पर, जब बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं तो बोगी में उनकी सीट ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि सिर्फ नब्बे नंबर तक सीटें थीं। शिकायत पर डीआरएम विजलक्ष्मी कौशिक ने उन्हें कोच कंडक्टर से बात करने की सलाह दी।
वहीं कुछ दिन पूर्व इसी ट्रेन से बादशाहनगर आ रहे पैसेंजर उदित ने डीआरएम से शिकायत की थी कि उन्हें डी-5 में 107 नंबर सीट अलॉट कर दी गई। पर, जब वह ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे तो बोगी में सीट ही नहीं मिली। शिकायत के बावजूद उन्हें मदद नहीं मिली और मजबूरन यात्रा रद्द करनी पड़ी थी। ऐसे ही रोजाना तमाम पैसेंजरों को दिक्कतें हो रही हैं। रविवार को भी हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जिसे रेलवे अधिकारियों व सुरक्षाबलों ने जैसे-तैसे शांत करवाया।
...तो इसलिए हो रही दिक्कत
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि डी श्रेणी की बोगी सिटिंग क्लास की होती है। बादशाहनगर इंटरसिटी में इस क्लास की छह बोगियां लगाई जाती हैं। पहले डी क्लास बोगी में 90 सीटें होती थीं, लेकिन इस श्रेणी की नई बोगियों में सीटों की संख्या बढ़कर 108 तक हो गई है। नई बोगियों के अनुसार, रिजर्वेशन सिस्टम में सीटों की संख्या फीड कर दी गई है। लेकिन ट्रेन पुरानी बोगियों के साथ ही रवाना हो रही है।