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नॉनवेज खाने के शौकीनों का खत्म हुआ इंतजार, आउटिंग के बहाने लें मुर्गमुसल्लम व कबाब का लुत्फ
Mon, 21 Sep 2020 04:23 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 21 Sep 2020 04:23 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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मटन-चिकन खाने के शौकीनों ने तय कर लिया है कि वे अब स्वाद से समझौता नहीं करेंगे। भले ही रेस्टोरेंट में बैठकर खाने को ना मिले, वे आउटिंग के बहाने गाड़ियों में बैठकर, घर ले जाकर खा लेंगे, लेकिन मुर्ग मुसल्लम, कवाब, चिकन और मटन से अब खुद को दूर नहीं रखेंगे। नॉनवेज कारोबारी धीरे-धीरे ही सही पटरी पर आते कारोबार को देख कर थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे-जैसे लोग शॉपिंग करने निकलेंगे, पर्यटन बढ़ेगा और सहालगों के दिन आएंगे तो उनका कारोबार भी रफ्तार पकड़ेगा।
ऑर्डर की पैकिंग करते कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
कारोबारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में हर रोज करीब-करीब 70 लाख रुपये का ताजा गोश्त शौकीन खा जाते थे। एक लंबे समय की बंदी ने स्वाद पर एकदम ताला लगा दिया था। ये तीन महीने सहालग व रमजान का वक्त था, यानी बिक्री कई गुना बढ़ जाती। करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। इतना लंबा नुकसान झेल चुके कारोबारी काम बंद रखने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि होम डिलीवरी, पैक्ड ऑर्डर को मिलाकर 60-70 फीसदी कारोबार की वापसी हो चुकी है, रही-सही कसर पर्यटन और सहालग शुरू होने से साल खत्म होते-होते पूरी हो जाएगी।
शोएब रिजवान
- फोटो : amar ujala
पैकिंग और होम डिलीवरी ने संभाला
अकबरी गेट स्थित नॉनवेज रेस्टोरेंट मुबीन के संचालक शोएब रिजवान कहते हैं कि अभी भी महामारी से हालात गंभीर बने हुए हैं। लोगों में डर है। ऐसे में 70 फीसदी ग्राहक पैक कराकर ले जा रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तक नॉनवेज बाजार भी पीक पर होगा।
शादियों में लोगों की संख्या बढ़ते ही पकड़ेगा रफ्तार
नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालक शमील शम्सी कहते हैं कि बाजार खुलेगा तो रेस्टोरेंट भी खोलना ही होगा। हमारे अपने ग्राहक हैं, उनका भी ख्याल रखना है। शादियों में 100 लोगों की सीमा को बढ़ा दिया जाए तो कारोबार में तेजी आएगी। इत्मिनान है कि काम शुरू हो गया है। कारोबार में भी तेजी आएगी ही।
अकबरी गेट स्थित नॉनवेज रेस्टोरेंट मुबीन के संचालक शोएब रिजवान कहते हैं कि अभी भी महामारी से हालात गंभीर बने हुए हैं। लोगों में डर है। ऐसे में 70 फीसदी ग्राहक पैक कराकर ले जा रहे हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तक नॉनवेज बाजार भी पीक पर होगा।
शादियों में लोगों की संख्या बढ़ते ही पकड़ेगा रफ्तार
नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालक शमील शम्सी कहते हैं कि बाजार खुलेगा तो रेस्टोरेंट भी खोलना ही होगा। हमारे अपने ग्राहक हैं, उनका भी ख्याल रखना है। शादियों में 100 लोगों की सीमा को बढ़ा दिया जाए तो कारोबार में तेजी आएगी। इत्मिनान है कि काम शुरू हो गया है। कारोबार में भी तेजी आएगी ही।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
सस्ता होने से चिकन की मांग तेज
मीट कारोबारी रहनुमा कुरैशी बताते हैं कि चिकन की कीमत 120-130 रुपये होने के कारण बिक्री बढ़ गई है। मटन 600 रुपये किलो बिक रहा है। लॉकडाउन ने खर्च चलाना मुश्किल कर दिया था। जैसे-जैसे रेस्टोरेंट में ग्राहक बढ़ेंगे वैसे-वैसे होटल पूरी तरह से खुल जाएंगे और लोग शापिंग के लिए निकलेंगे तो मीट-मटन व अन्य गोश्त की मांग भी बढ़ेगी।
मीट कारोबारी रहनुमा कुरैशी बताते हैं कि चिकन की कीमत 120-130 रुपये होने के कारण बिक्री बढ़ गई है। मटन 600 रुपये किलो बिक रहा है। लॉकडाउन ने खर्च चलाना मुश्किल कर दिया था। जैसे-जैसे रेस्टोरेंट में ग्राहक बढ़ेंगे वैसे-वैसे होटल पूरी तरह से खुल जाएंगे और लोग शापिंग के लिए निकलेंगे तो मीट-मटन व अन्य गोश्त की मांग भी बढ़ेगी।
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- फोटो : amar ujala
फैक्ट फाइल
- 01 अगस्त से शुरू हो गई थी होम डिलीवरी
- 16 अगस्त से तय समय तक खोल दिए गए थे रेस्टोरेंट
- 21 करोड़ रुपये का है शहर में गोश्त का कारोबार सामान्य दिनों में
- 70 बड़े प्रतिष्ठानों पर बिकता है पका हुआ गोश्त
- 605 है शहर में लाइसेंसी सप्लायरों की संख्या
- 800 किलो मटन शहर के एक बड़े प्रतिष्ठान को है जाता
- 01 अगस्त से शुरू हो गई थी होम डिलीवरी
- 16 अगस्त से तय समय तक खोल दिए गए थे रेस्टोरेंट
- 21 करोड़ रुपये का है शहर में गोश्त का कारोबार सामान्य दिनों में
- 70 बड़े प्रतिष्ठानों पर बिकता है पका हुआ गोश्त
- 605 है शहर में लाइसेंसी सप्लायरों की संख्या
- 800 किलो मटन शहर के एक बड़े प्रतिष्ठान को है जाता