शोपिया में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए ग्रेनेडियर निलेश सिंह का शव मंगलवार को पंचतत्वों में विलीन हो गया। उनके 10 वर्षीय बेटे अंश ने शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा आसमान 'जब तक सूरज चांद रहेगा, निलेश तेरा नाम रहेगा' के नारों से गुंजायमान हो गया।
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nilesh singh
- फोटो : amar ujala
शहीद निलेश का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह नौ बजे के करीब उनके पैतृक आवास अखंडनगर, सुल्तानपुर लाया गया। शव के पहुंचते ही पूरा गांव 'निलेश सिंह अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। शहीद निलेश के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। आसपास के इलाकों से भी हजारों की संख्या में लोग अखंडनगर पहुंचे।
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लोगों ने शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रखी थी लेकिन मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के न पहुंचने पर शहीद के परिवारीजन समेत ग्रामीण भड़क उठे।
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ग्रामीणों ने डीएम-एसपी मुर्दाबाद के नारे लगाए। वहीं, किसी मंत्री के न पहुंचने पर शहीद निलेश के पिता रामप्रसाद भी भड़क गए। वह सीएम योगी के आने पर ही बेटे का अंतिम संस्कार करने पर अड़ गए।
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करीब दो घंटे बाद जब प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे तो उनके साथ डीएम-एसपी भी पहुंचे। इससे ग्रामीण और भड़क गए। दोनों अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंत्री जय प्रताप ने शहीद के परिवारीजनों को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा।