{"_id":"58297a924f1c1b56368fddd0","slug":"manzil-saini-will-investigate-police-stations-in-burqa","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"किसी भी दिन बुर्का पहनकर थाने पहुंच सकती हैं लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी भी दिन बुर्का पहनकर थाने पहुंच सकती हैं लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखन्ऊ
Updated Tue, 15 Nov 2016 06:10 PM IST
विज्ञापन
मंजिल सैनी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के यासीनगंज में रविवार को सुन्नी मजलिसे अमल की ओर से आयोजित सामूहिक संवाद कार्यक्रम में मुस्लिम छात्राओं ने एसएसपी समेत कई अन्य अधिकारियों से दिल खोलकर बातें कीं। उन्होंने ये भी बताया कि 15 साल पहले जिस तरह के लड़के उनके आगे-पीछे लगने का प्रयास करते थे आज वैसे लोगों का क्या हाल है...
मंजिल सैनी
एसएसपी मंजिल सैनी ने एक छात्रा के सवाल पर कहा कि वह जल्द ही बुर्का पहनकर थानों का औचक निरीक्षण करेंगी। इस दौरान छात्राओं ने परिवार और पुलिसिंग से जुड़े 21 सवाल किए।
मंजिल सैनी
- फोटो : amar ujala
पुलिस की नौकरी में क्या आप पर भी राजनीतिक दबाव पड़ा है? नौकरी और परिवार में तालमेल कैसे बैठाती हैं? महिलाओं की नई टीम बनाने का मकसद क्या है? समाज और पुलिसिंग से जुड़े मुस्लिम छात्राओं के ऐसे 21 सवालों से रविवार को एसएसपी मंजिल सैनी और दूसरी महिला पुलिस अधिकारी रूबरू हुईं। अधिकारियों ने भी छात्राओं से दिल खोलकर बातें कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंजिल सैनी
- फोटो : amar ujala
सामूहिक संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्रा तबस्सुम के सवाल पर एसएसपी मंजिल सैनी ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव से इंकार नहीं किया। उन्होंने बताया कि पुलिस कप्तान के तौर पर लखनऊ उनका 10वां जिला है। अगर अधिकारी ईमानदारी से काम करते हुए जनता के दिल में जगह बनाने में कामयाब हो जाए तो समस्याएं कम हो जाती हैं।
विज्ञापन
मंजिल सैनी
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि पुलिस जनता पर नहीं बल्कि जनता के दिल पर राज करने वाली होनी चाहिए। एक छात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब वह थानों का औचक निरीक्षण बुर्का पहन कर करेंगी। लड़कियों से छेड़छाड़ के सवाल पर उन्होंने पुरुषों को अपनी परिवार की महिलाओं की तरह ही दूसरी औरतों का सम्मान करने की नसीहत दी।