लखनऊ में कुकरैल नाले के सौंदर्यीकरण के लिए पेपर मिल कॉलोनी वाली रोड पर स्थित भीखमपुरवा और अयोध्या रोड स्थित अकबर नगर बस्ती के सैकड़ों मकान ढहाए जाएंगे। इसके लिए भीखमपुरवा में 150 मकानों पर लाल निशान लगा भी दिए गए हैं। अकबर नगर में भी यही काम हो रहा है, लेकिन अभी किसी को नोटिस जारी नहीं किया गया है। कुल 400 के करीब मकान ढहाए जाएंगे। खास बात यह है कि जिन मकानों पर बुलडोजर चलना है उनमें से ज्यादातर 50 साल से अधिक पुराने हैं और अब यहां दूसरी पीढ़ी के लोग रह रहे हैं। कुछ तो आजादी के पहले से यहां रह रहे हैं। इनके पहचान और निवास के प्रमाण भी हैं और ये बिजली बिल के साथ हाउस टैक्स भी जमा करते हैं। कार्रवाई के विरोध में लोगों ने नगर निगम, सिंचाई विभाग और डूडा से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की है।
लखनऊः कुकरैल नाले को सुंदर बनाने के लिए चलेगा बुल्डोजर, इन इलाकों के तोड़े जाएंगे सैकड़ों मकान
लाल निशान देखकर दहशत, माथे पर चिंता की लकीरें
नगर निगम, सिंचाई विभाग और डूडा की संयुक्त टीम के मकान तोड़ने के लिए लाल निशान लगाने के बाद भीखमपुरवा में रहने वाले दहशत में हैं। इससे तनाव भी बढ़ रहा है। भीमपुरवा निवासी 50 वर्षीय इदरीस ने बताया कि जिस मकान को तोड़ने के लिए निशान लगाया गया वह उसी में पैदा हुए हैं। इदरीस ने कहा उनके पास इतना पैसा भी नहीं है कि दूसरा मकान खरीद सकें। छोटा-मोटा काम कर किसी तरह परिवार पाल रहे हैं। राम प्रसाद का भी यही कहना है कि मकान टूट गया तो वह कहां जाएंगे। अपना पुश्तैनी घर कैसे छोड़ दें। 25 साल के उस्मान ने बताया कि अभी उनके परिवार के लोगों ने मकानों पर और निर्माण कराया है। अब इसे तोड़ने को लाल निशान लगा दिया गया।
अब तक नोटिस भी नहीं मिला
भीखमपुरवा के लोगों ने बताया कि टीम लाल निशान लगाकर चली गई। कहां तक मकान तोड़ेंगे, यह पता नहीं। किसी को कुछ बताया भी नहीं। विरोध किया तो टीम जल्दी-जल्दी निशान लगाकर चली गई। नोटिस भी नहीं मिला है, जिससे पता चल सके कि किस कारण और मकान का कितना हिस्सा तोड़ा जाएगा। कुछ धार्मिक स्थलों पर भी लाल निशान लगाया है।
दो मंजिला तक बने हैं मकान
जिन मकानों पर लाल निशान लगाया गया है, उनमें कई ऐसे हैं जिन्हें बनाने पर 50 लाख से अधिक रुपये खर्च हुए होेंगे। इन दो मंजिला मकानों को तोड़ना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। बस्तीवाले भी कहते हैं कि ऐसे कैसे कोई उनका मकान तोड़ देगा। जरूरत पड़ी तो वह कोर्ट की शरण में जाएंगे।
जो मकान कुकरैल तटबंध के दायरेे में आ रहे हैं और अतिक्रमण कर बनाए गए हैं, उन पर निशान लगाए गए हैं। मकान का कितना हिस्सा टूटेगा यह राजस्व विभाग की टीम नक्शे के आधार तय कर रही है। जो पात्र होंगे उन्हें मकान भी दिए जाएंगे। इसके बारे में बताया भी गया है। यह काम तीन विभागों की टीम मिलकर कर रही है। इसके लिए मंडलायुक्त की ओर से आदेश दिया गया है। - राहुल वर्मा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
कुकरैल को सुंदर बनाया जाए, इस पर आपत्ति नहीं है पर किसी का घर न तोड़ा जाए। कुकरैल को सुंदर बनाने की बात तो अब हो रही है, मगर जो लोग बसे हैं उनमें ज्यादातर आजादी के पहले से हैं। भीखमपुरवा में 1824 से लोग रह रहे हैं। उचित तो यह होगा कि प्रशासन वहां सौंदर्यीकरण करे जहां जमीन खाली हो। - राजेश सिंह गब्बर, पार्षद