{"_id":"5ba9c30e867a557ed20b2460","slug":"lmrc-will-be-known-as-upmrc","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लखनऊ मेट्रो अब जाना जाएगा इस नए नाम से, काम की भी बढ़ी जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ मेट्रो अब जाना जाएगा इस नए नाम से, काम की भी बढ़ी जिम्मेदारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:39 AM IST
विज्ञापन
lmrc
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) अब यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के नाम से जाना जाएगा। एलएमआरसी की असाधारण सामान्य बैठक में नाम परिवर्तन को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। अब कंपनी रजिस्ट्रार के यहां नाम के बदलने की औपचारिकता पूरी की जा रही है। यूपीएमआरसी पुरानी टीम के साथ ही काम करेगा, पर उसके पास अब प्रदेश के दूसरे शहरों की भी जिम्मेदारी होगी।
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
बता दें, लखनऊ में मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए वर्ष 2013 में एलएमआरसी का गठन किया गया था। वर्ष 2016 में दूसरे शहरों में मेट्रो चलाने के लिए विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) बनाने के समय पूरे राज्य की एक कंपनी बनाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही यूपीएमआरसी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई।
lucknow metro
- फोटो : amar ujala
एलएमआरसी की छह जून की बोर्ड बैठक में यूपीएमआरसी के नाम से एसपीवी बनाने का फैसला लिया गया। अब एलएमआरसी के नाम को औपचारिक रूप से यूपीएमआरसी में बदलने का फैसला हो गया है। कंपनी के एक बोर्ड सदस्य ने बताया कि एलएमआरसी की तरह यूपीएमआरसी में भी प्रदेश और केंद्र सरकार की 50-50 प्रतिशत की साझेदारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
एलएमआरसी के नाम को बदलकर यूपीएमआरसी कर दिया गया है। हालांकि, बोर्ड में पूर्व की तरह ही निदेशक बने रहेंगे। एमडी के रूप में कुमार केशव के नाम पर सहमति बनी है। इसके अलावा बोर्ड के चेयरमैन सचिव आवास पदेन रहेंगे। अभी दुर्गा शंकर मिश्र इस पद पर मौजूद हैं। कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन को भी नई एसपीवी के उद्देश्य के अनुसार बदला गया है।
विज्ञापन
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
शहरों के लिए बनेगी अलग यूनिट
यूपीएमआरसी एक एसपीवी की तरह काम करेगा।, लेकिन सभी शहरों के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग यूनिट काम करेगी। नोएडा मेट्रो को भी यूपीएमआरसी के अधीन लाया जाएगा। हालांकि नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पूर्ण स्वामित्व की सहयोगी कंपनी की तरह काम करेगी। दूसरे तरह के मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के प्रोजेक्ट आने पर इनके लिए भी काम यूपीएमआरसी करेगी।
यूपीएमआरसी एक एसपीवी की तरह काम करेगा।, लेकिन सभी शहरों के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग यूनिट काम करेगी। नोएडा मेट्रो को भी यूपीएमआरसी के अधीन लाया जाएगा। हालांकि नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पूर्ण स्वामित्व की सहयोगी कंपनी की तरह काम करेगी। दूसरे तरह के मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के प्रोजेक्ट आने पर इनके लिए भी काम यूपीएमआरसी करेगी।