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पीठ के एक तरफ दर्द या बार-बार पेशाब आए तो हो जाएं सावधान, हो सकता है इस बीमारी का खतरा
Mon, 30 Sep 2019 04:53 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 30 Sep 2019 04:53 PM IST
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किडनी स्टोन होना आम समस्या हो चुकी है। यह दिक्कत खान-पान की गलत आदतों और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण होती है। स्टोन या पथरी के कारण किडनी में कुछ खास तरह के सॉल्ट्स का जमा होना है। पहले स्टोन का छोटा हिस्सा बनता है, जिसके चारों ओर सॉल्ट जमा होता रहता है। पथरी एक या दोनों किडनी में हो सकती है। आमतौर पर यह मूत्र के रास्ते बाहर निकल जाती है, लेकिन कई बार आकार बढ़ जाने पर खतरनाक हो जाती है। इसे ऑपरेट कर निकालना पड़ता है। पथरी की समस्या क्या है और क्या सावधानी बरतनी चाहिए बता रहे हैं प्रो. एसएन शंखवार, विभागाध्यक्ष यूरोलाजी विभाग व सीएमएस केजीएमयू।
प्रो. एसएन. शंखवार
- फोटो : amar ujala
लक्षण
गुर्दे की पथरी में पीठ के एक तरफ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होना। दर्द के अलावा पेशाब में जलन होना। पेशाब से बदबू आना। बार-बार पेशाब की इच्छा होना और पेशाब के रंग का पीला होना, स्टोन की ओर इशारा करता है। कब्ज या दस्त का लगातार बने रहना। जी मिचलाना, उल्टी होना, ठंड लगना, बुखार आना, अधिक पसीना आना, रात में अधिक पेशाब आना, पेशाब के साथ दर्द होना और पेशाब में रक्त आना और थकान इसके गंभीर लक्षण हैं।
गुर्दे की पथरी में पीठ के एक तरफ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होना। दर्द के अलावा पेशाब में जलन होना। पेशाब से बदबू आना। बार-बार पेशाब की इच्छा होना और पेशाब के रंग का पीला होना, स्टोन की ओर इशारा करता है। कब्ज या दस्त का लगातार बने रहना। जी मिचलाना, उल्टी होना, ठंड लगना, बुखार आना, अधिक पसीना आना, रात में अधिक पेशाब आना, पेशाब के साथ दर्द होना और पेशाब में रक्त आना और थकान इसके गंभीर लक्षण हैं।
water
...तो इस कारण होती है यह दिक्कत
खान-पान की गलत आदतें और पानी की कमी से यूरिन में समस्या होती है। जब शरीर कैल्शियम का सही से अवशोषण नहीं कर पाता तो सॉल्ट जमने लगता और पथरी के कण बनने लगते हैं। प्रोसेस्ड फूउ का अधिक सेवन भी पथरी का कारण है। इनमें सोडियम की अधिकता होती है, जिससे कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन होने लगता है और पेशाब में सोडियम की मात्रा बढ़ती जाती है। अधिक सॉफ्ट ड्रिंक्स व कैफीन युक्त पेय पदार्थों के सेवन से शरीर में कैल्शियम ग्रहण करने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में कैल्शियम का उत्सर्जन हो जाता है, जो पथरी का कारण बनता है। मोटापे के कारण भी शारीरिक सक्रियता व पानी पीने की आदत घट जाती है।
खान-पान की गलत आदतें और पानी की कमी से यूरिन में समस्या होती है। जब शरीर कैल्शियम का सही से अवशोषण नहीं कर पाता तो सॉल्ट जमने लगता और पथरी के कण बनने लगते हैं। प्रोसेस्ड फूउ का अधिक सेवन भी पथरी का कारण है। इनमें सोडियम की अधिकता होती है, जिससे कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन होने लगता है और पेशाब में सोडियम की मात्रा बढ़ती जाती है। अधिक सॉफ्ट ड्रिंक्स व कैफीन युक्त पेय पदार्थों के सेवन से शरीर में कैल्शियम ग्रहण करने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में कैल्शियम का उत्सर्जन हो जाता है, जो पथरी का कारण बनता है। मोटापे के कारण भी शारीरिक सक्रियता व पानी पीने की आदत घट जाती है।
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rice
ये भी रखें ध्यान
जिन लोगों को एक बार पथरी हो चुकी हो उन्हें दोबारा यह समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों को रेड मीट, पालक, टमाटर, आलू, चाय, कॉफी, चावल, नमक आदि के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को कैल्शियम स्टोन हो उन्हें दूध और इसके उत्पादों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें कैल्शियम अधिक होता है।
जिन लोगों को एक बार पथरी हो चुकी हो उन्हें दोबारा यह समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों को रेड मीट, पालक, टमाटर, आलू, चाय, कॉफी, चावल, नमक आदि के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को कैल्शियम स्टोन हो उन्हें दूध और इसके उत्पादों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें कैल्शियम अधिक होता है।
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उपचार संभव
पथरी का उपचार इसके आकार और जगह पर निर्भर करता है। सात-आठ एमएम तक की पथरी अपने आप कुछ दवाओं के जरिए यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है। एक सेंटीमीटर से बड़े होने पर इनके निकलने के चांस कम हो जाते हैं। फिर इन्हें लिथोटिप्सी किरणों से तोड़ना, दूरबीन विधि से निकालना और ज्यादा बड़े होने पर ओपन सर्जरी से निकाला जाता है।
पथरी का उपचार इसके आकार और जगह पर निर्भर करता है। सात-आठ एमएम तक की पथरी अपने आप कुछ दवाओं के जरिए यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है। एक सेंटीमीटर से बड़े होने पर इनके निकलने के चांस कम हो जाते हैं। फिर इन्हें लिथोटिप्सी किरणों से तोड़ना, दूरबीन विधि से निकालना और ज्यादा बड़े होने पर ओपन सर्जरी से निकाला जाता है।