लखनऊ में पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती (91) की हत्या के बाद पुलिस ने उनके अंबेडकर नगर स्थित पैतृक गांव रूढ़ा धमरूआ, मालीपुर में डेरा जमा लिया है। हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने देर शाम शव का पोस्टमार्टम किया।
आशुतोष मिश्रा के पिता रामकुमार मिश्रा अयोध्या के देवढ़ी इंटर कॉलेज से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। 2024 में उनकी मौत के बाद, इंद्रावती अपने बेटे आशुतोष के साथ लखनऊ में रह रही थीं। 15 अगस्त को अपने गांव में स्थित गदाधर नाथ मर्यादा विद्यापीठ हाईस्कूल विद्यालय में बेटे आशुतोष के साथ गईं थीं और ध्वजा रोहण भी किया था।
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एसपी की मां की हत्या के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद आशुतोष दोपहर को इकाना स्टेडियम में डयूटी होने के चलते लखनऊ चले गए थे। एसपी आशुतोष मिश्रा की आखिरी बार शनिवार रात 8:30 अपनी मां इंद्रावती से फोन पर बात हुई थी। उसी समय नौकरानी प्यारी खाना बनाकर घर से चली गई थी। उसी ने आखिरी बार उन्हें जीवित देखा था और मौत की जानकारी भी उसी ने दी थी।
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इंद्रावती की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार की सुबह उनके घर का दरवाजा बाहर से बंद पाया गया। घर पर काम करने वाली प्यारी देवी सुबह आठ बजे जब आशुतोष मिश्रा के मकान पर पहुंची तो, घर के बाहरी हिस्से में लगे लोहे के दरवाजे में बाहर से सिटकनी बंद थी। अंदर जाकर आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला और घर के दरवाजे खुले हुए थे।
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एसपी आशुतोष मिश्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंदर हॉल में इंद्रावती बेड पर पड़ी थीं। उनके मुंह से खून निकलता देख प्यारी शोर मचाते हुए घर के बाहर निकली और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। उनके शरीर के सभी जेवर गायब थे। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि इंद्रावती के हाथ पर इंजेक्शन के निशान मिले हैं। देर शाम पुलिस ने हत्या और लूट की प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईपीएस अधिकारी की मां की मौत के बाद पुलिस विभाग के साथ ही उनके गांव में हड़कंप मचा हुआ है। गांव में एसओजी व सर्विलांस टीमें चप्पा चप्पा छानने में जुटी हैं। घटना स्थल को सील कर दिया गया है। घर में किसी के भी आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। उधर, देर रात तक राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में पुलिस के अधिकारी डटे रहे।