कान छिदवाना अब एक परंपरा और संस्कार से ज्यादा फैशन हो गया है। कान में बाली और विभिन्न तरह की टॉप्स फैशन बन गए हैं। अब तो लोग शरीर के विभिन्न अंगों को छिदवा कर गहने पहन रहे हैं। यही वजह है कि राजधानी में पियरसिंग स्टूडियो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यहां युवा कान और नाक के अलावा नाभि, होंठ, जुबान, कलाई, कंधों, आईब्रो के साथ शरीर के अन्य अंगों को भी फैशनेबल रिंग्स और स्टोन से सजा रहे हैं। लेकिन जरा सी असावधानी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए अगर आप भी पियरसिंग कराने की सोच रही हैं तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
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पियरसिंग कराने की सोच रही हैं तो इन बातों पर दें ध्यान, जरा सी असावधानी पड़ सकती है भारी
Fri, 09 Aug 2019 04:50 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 09 Aug 2019 04:50 PM IST
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प्रो. विनोद जैन, जनरल सर्जरी विभाग केजीएमयू
जरा सी गलती मसल और बोन को कर सकती है डिस्फिगर
इसके अलावा शरीर के किसी भी ऐसे अंग की पियरसिंग न कराएं जहां रगड़ लगने या मसल व बोन के डिस्फिगर या डैमेज होने का खतरा हो। इससे कई बार वो जख्म ठीक नहीं होता और घाव का रूप ले लेता है। अगर पियरसिंग कराई है तो उस जगह ही साफ-सफाई का विशेषतौर पर ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी से होने वाला संक्रमण गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। किसी भी तरह की समस्या दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।
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शरीर के विभिन्न अंगों में डिजाइनर ज्वेलरी दिखती तो बहुत खूबसूरत है, लेकिन इनमें अधिकतर पियरसिंग सर्जिकल होती है। ऐसे में इसे कराने से पहले विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। पियरसिंग से पहले यह जरूर जांच ले कि वो स्टूडियो या एक्सपर्ट सर्टिफाइड है या नहीं, इसका कोर्स किया है या नहीं। अगर सर्टिफाइड नहीं है तो पियरसिंग कराने का रिस्क न लें।
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इस बात का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है कि पियरसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण नए और स्टेरलाइज हाें। इसके लिए इस्तेमाल होने वाले पेपर से लेकर स्टड्स तक में हाइजीन का का खास ख्याल रखा गया हो। नीडिल बिलकुल न्यू होनी चाहिए, सभी अन्य इंस्ट्रूमेंट्स और पियरसिंग किट भी हाइजीनिक और स्टेरलाइज होने चाहिए। पियरसिंग से पहले नए ग्लव्ज और पियरसिंग वाली जगह को अच्छे से क्लीन किया गया हो ताकि किसी भी प्रकार का संक्रमण न होने पाए।
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पियरसिंग कराते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस्तेमाल की गई नीडिल व इंस्ट्रूमेंट वाली किट बिलकुल नई हो और सामने ही खुलवाएं। क्योंकि बार-बार इस्तेमाल हुए उपकरणों से ब्लड इंफेक्टेड बीमारियों की आशंका होती है। किसी भी चालू या लोकल दुकान से पियरसिंग से बचें, भरोसेमंद एक्सपर्ट को ही चुनें।