गुमनामी बाबा का राज जानने अब जाना होगा इस संग्राहलय में...
गुमनामी बाबा उर्फ भगवनजी का रहस्य उनके सामान खोल सकते हैं। इसके लिए अब आपको अयोध्या स्थित अंतराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय आना होगा। गुमनामी बाबा/भगवनजी के सामानों के स्थानांतरण को लेकर शुक्रवार से कार्रवाई शुरू हुई।
गुमनामी बाबा का राज जानने अब जाना होगा इस संग्राहलय में...
यहां कोषागार के डबल लॉक में रखी गई उनके 24 ट्रंकों में 2760 नग सामानों में कई रोचक प्रसंग समेत मूल्यवान वस्तुएं भी हैं। महंगी वाइन से लेकर हाथी दांत की बनीं स्मोकिंग पाईप भी है।
गुमनामी बाबा का राज जानने अब जाना होगा इस संग्राहलय में...
गुमनामी बाबा उर्फ भगवनजी क्या नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, इसका अभी तक पं. बंगाल सरकार से लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से सामने लाई गई ढाई से अधिक फाइलों में कुछ भी तथ्य नहीं मिला है।
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लेकिन हाईकोर्ट ने गुमनामी बाबा कौन थे ? कहां से आए थे? आदि से पर्दा उठाने के लिए सरकार को एक कमेटी बनाने व उनके सामानों को एक संग्रहालय बना कर लोगों के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश 2013 में दिए थे, जिसका पालन अब सामानों को अयोध्या स्थित अंतराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में भेजकर शुक्रवार से शुरू हो गया है।
गुमनामी बाबा का राज जानने अब जाना होगा इस संग्राहलय में...
जिला प्रशासन की ओर डीएम योगेश्वरराम समेत अफसरों ने प्रदेश स्तरीय समिति के संयोजक व अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के उपनिदेशक योगेश कुमार के साथ गुमनामी बाबा के सामान को निकालने के लिए कोषागार का डबल लॉक ठीक सुबह 12 बजे खुलवाने की प्रक्रिया शुरू कराई।