लखनऊ के कृष्णानगर में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की पीटकर हत्या के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि अधिवक्ता के भाई शरद की तरफ से नामजद कराए गए दामोदरनगर निवासी गुलाम मुस्तफा और शुभम यादव उर्फ डेंजर के अलावा प्रेमनगर का मंजीत उर्फ रोहन और बाराबंकी के धीरज गौतम को पकड़ा गया है।
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आरोपी मोनू व विनायक
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इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों का नाम हत्याकांड के मुख्य आरोपी उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू और विनायक ठाकुर उर्फ विनायक बच्चन सिंह ने पूछताछ में बताया था। पुलिस चारों की तलाश करते हुए उनके घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिले। शुक्रवार दोपहर चारों के डीआरएम पुलिया के पास मौजूद होने की सूचना पाकर घेराबंदी की गई और सबको दबोच लिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में चारों ने हत्या में शामिल होने की बात कुबूली है।
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पुलिस की गिरफ्त में आए हत्या के आरोपी
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उन्होंने बताया कि मंगलवार रात स्नेहनगर वीआईपी रोड निवासी शिशिर, उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू, विनायक ठाकुर के साथ सभी ने शराब पी। नशे में धुत होने के बाद आपस में किसी मामूली बात को लेकर गाली-गलौज व कहासुनी होने लगी। मोनू ने शिशिर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद सबने मिलकर उसकी पिटाई की। इसी दौरान मुस्तफा ने उस पर ब्लेड से हमला कर दिया। शिशिर लहूलुहान होकर गिर पड़ा तो सब उसे छोड़कर भाग निकले।
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शिशिर त्रिपाठी (फाइल फोटो)
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वह करीब आधा घंटे तक वहीं पड़ा रहा था। रात करीब 12 बजे सूचना पाकर आए परिवारीजनों ने शिशिर को अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने दम तोड़ दिया। हत्याकांड के विरोध में बुधवार सुबह वकीलों ने मॉर्च्युरी से कलेक्ट्रेट तक जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था।
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शिशिर त्रिपाठी
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पुलिस को घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है, जिसमें नामजद आरोपी शिशिर के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मोनू और विनायक को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। सीओ कृष्णानगर अमित कुमार राय का कहना है कि मोनू और विनायक को रिमांड पर लेकर झगडे़ और मारपीट की वजह के बारे में पूछताछ की जाएगी।