एलडीए के गोमती नगर आफिस के रिकार्ड रूम में शुक्रवार को आधी रात के बाद करीब तीन बजे आग लग गई। आग के कारण दो हजार करोड़ से अधिक के घोटाले से जुड़ी फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। यह आग ऐसे समय लगी है जब हुसैनाबाद हेरीटेज जोन सौंदर्यीकरण, जेपीएनआईसी, जनेश्वर मिश्र पार्क और प्लाट समायोजन घोटाले सहित कई प्रमुख योजनाओं में भ्रष्टाचार किए जाने को लेकर जांच चल रही है और सीएजी ने भी रिपेार्ट तलब की है।
LDA में लगी रहस्यमयी आग, घोटालों से जुड़ी 2000 करोड़ की फाइलें जलकर खाक
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आग लगने के कारण और नुकसान का पता लगाने के लिए एलडीए वीसी ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए है। इसके लिए कमेटी भी बना दी गई है कि जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। मामले में अभी किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है। एलडीए प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मामला संदिग्ध पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
यह कमेटी करेगी जांच, तीन दिन में देगी रिपोर्ट
आग लगने की वजह, आग से कितनी फाइलें जलीं और वह कौन-कौन सी थीं और आगे से ऐसी घटना न हो उसको लेकर एलडीए वीसी ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई हैं। जिसमें वीके सिंह अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक और राजेश शुक्ला तहसीलदार शामिल है। एलडीए वीसी ने कहा कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। उसके आधार पर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एलडीए ने फाइलों का डिजिटलाइजेशन के कराने के लिए निजी कंपनी रायटर को ठेका दिया है। इसके बाद सम्पत्ति, इंजीनियरिंग व अन्य सभी तरह की फाइलें एलडीए ने उसी कम्पनी को सौंप दी हैं। कंपनी फाइलें एलडीए आफिस से बाहर ले जाकर अपने स्टोर में रखी हैं। कई महीने बाद भी काम पूरा न होने पर हाल ही में एलडीए ने कंपनी को दो शिफ्ट में काम करने को कहा। उसके लिए उसे एलडीए में ही काम करने के लिए कमरा दिया गया और फाइलों को रखने के लिए स्टोर। शुक्रवार को आधी रात के बाद जिस समय आग लगी उस समय प्राइवेट कंपनी रायटर के ही कर्मचारी एलडीए ऑफिस के अंदर थे।
मामले पर एलडीए वीसी पीएन सिंह का कहना है कि आग कैसे लगी है और उसमे कौन-कौन सी फाइलें जलीं इसके जांच कराई जा रही है। इसके लिए टीम बना दी गई है। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। उसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उभी आग लगने की वजह सामने नहीं आई है। शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। जांच यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आग से जली पड़ी फाइलें व फर्नीचर।