केजीएमयू में रविवार सुबह पौने ग्यारह बजे डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अनित परिहार के कमरे में अचानक आग लग गई। कमरे में उठता धुआं पल्मोनरी सर्जरी और चर्मरोग वार्ड में भर गया। इससे मरीजों और तीमारदारों का दम घुटने लगा और भगदड़ मच गई। तीमारदार मरीजों को लेकर नीचे भागने लगे। भगदड़ में एक मरीज चोटिल हो गया। आग लगने पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई जिससे कई मरीज लिफ्ट में ही फंस गए। गार्डों ने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन गैस ही नहीं निकली। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़िया एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकीं।
अग्निकांड में डिप्टी रजिस्ट्रार कक्ष के सभी दस्तावेज जलकर राख हो गए। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि गोपनीय दस्तावेजों के लिहाज से डिप्टी रजिस्ट्रार का कमरा काफी अहम माना जाता है। पूरेे मामले की सूचना शासन को भी भेजी गई है। केजीएमयू कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने जांच के लिए कमेटी बनाई है जो हफ्ते भर में अपनी रिपोर्ट देगी।
दम घुटने लगा तो मरीज को उठाकर भागे तीमारदार
केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार के कमरे में आग लगते ही अचानक धुएं का गुबार पल्मोनरी सर्जरी और चर्मरोग वार्ड में घुस गया। इससे वार्ड में अंधेरा छा गया। लोगों की सांसें फूलने लगीं। चीख पुकार मच गई। तीमारदार मरीज को गोद में उठाकर बाहर भागने लगे। सभी को लगा कि जान बचना मुश्किल है।
कई मरीज व तीमारदार लिफ्ट की ओर गए, लेकिन लाइट कटने से लिफ्ट खड़ी हो गई और वे फंस गए। इससे यहां दहशत फैल गई। स्टाफ नर्स ने तत्परता दिखाते हुए इन लोगों को सीढ़ियों तक पहुंचा कर सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं और आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई। हालांकि, धुएं की गंध वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशान करती रही।
सांस के मरीज खांसते रहे तो चर्मरोग के मरीजों को संक्रमण बढ़ने का भय सताता रहा। दूसरे छोर पर स्थित नाक, कान, गला वार्ड में भर्ती मरीज भी सशंकित रहे, लेकिन हवा का रुख बदले होने से उनके वार्ड में गंध का असर कम रहा।
आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र चलाया तो गैस ही नहीं निकली
आग लगने की घटना से निपटने में एक बार फिर पूरा केजीएमयू प्रशासन बुरी तरह नाकाम रहा। ग्राउंड फ्लोर पर सीएमओ ऑफिस में बने रेडियो डायग्नोसिस विभाग में डिप्टी रजिस्ट्रार के कमरे में लगी आग बुझाने के लिए गार्डों ने अग्निशमन यंत्रों का सहारा लिया लेकिन ऐन वक्त पर वहां लगे उपकरण धोखा दे गए। किसी की पाइप टूटी थी तो किसी से गैस ही नहीं निकली। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
केजीएमयू के सीएमओ ऑफिस में ही ग्राउंड फ्लोर पर रेडियो डायग्नोसिस विभाग है। ऊपरी मंजिल पर पीआरओ ऑफिस और पल्मोनरी सर्जरी, चमरोग के साथ नाक, कान, गला विभाग और इस विभाग का वार्ड भी है। रविवार सुबह करीब 10.45 बजे रेडियो डायग्नोसिस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और डिप्टी रजिस्ट्रार अनित परिहार के कमरे से लपटें उठतीं दिखीं। धुआं का गुबार इस कदर उठा कि पूरे पल्मोनरी सर्जरी और चमरोग वार्ड में अंधेरा छा गया। आग इतनी तेज धधक रही थी कि ऊपर लगा पंखा टेढ़ा हो गया और दीवार पर लगी टाइल्स टूटकर नीचे गिर पड़ी।