{"_id":"5b02a0264f1c1bd5408b6f07","slug":"details-of-parks-of-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आइए लुत्फ उठाएं लखनऊ के इन खूबसूरत पार्कों का, बच्चों से लेकर बड़ों तक को देगा सुकून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आइए लुत्फ उठाएं लखनऊ के इन खूबसूरत पार्कों का, बच्चों से लेकर बड़ों तक को देगा सुकून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 21 May 2018 04:04 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियां..। करीने से लगे ऊंचे-ऊंचे खूबसूरत पेड़...। नवाबी अंदाज को बयां करती कुर्सियां...।झूले..। चकरी... और मंद हवा के झोंकों से टकराकर फव्वारों से उड़कर आती ठंडी-ठंडी फुहारें...। कुछ ऐसी ही सुकून भरी सैर के लिए मशहूर हैं पुराने लखनऊ के तिकड़ी पार्क। नींबू पार्क, बुद्धा पार्क और तिकड़ी को पूरा करता है हाथी पार्क...। 30 से 40 साल पहले बने इन पार्को में लोग परिवार के साथ अपना बचपन ढूंढने निकल पड़ते हैं। आइए आपको भी कराते हैं। इन पार्को की सैर।
- फोटो : डेमो
गौतम बुद्ध पार्क, डालीगंज
शहर के नामी चर्चित पार्कों में शुमार गौतम बुद्ध पार्क 10 एकड़ में फैला है। पार्क में भगवान गौतम बुद्ध की ध्यानमग्न विशाल प्रतिमा लगी है। रूमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा और शहीद स्मारक के नजदीक स्थित ये पार्क शांत वातावरण और कई प्रकार के फन जोन के लिये चर्चित है। यहां की कृत्रिम नहर में पैडल बोटिंग का अलग ही मजा है। वर्ष 1980 में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसे तैयार कराया था। ये पुराने लखनऊ के लिये कभी एक बड़ा शौक था।
शहर के नामी चर्चित पार्कों में शुमार गौतम बुद्ध पार्क 10 एकड़ में फैला है। पार्क में भगवान गौतम बुद्ध की ध्यानमग्न विशाल प्रतिमा लगी है। रूमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा और शहीद स्मारक के नजदीक स्थित ये पार्क शांत वातावरण और कई प्रकार के फन जोन के लिये चर्चित है। यहां की कृत्रिम नहर में पैडल बोटिंग का अलग ही मजा है। वर्ष 1980 में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसे तैयार कराया था। ये पुराने लखनऊ के लिये कभी एक बड़ा शौक था।
डेमो
- फोटो : डेमो
इसलिए हैं खास
- कलात्मक मिनी गार्डन, विभिन्न आकृतियों के फव्वारे, खूबसूरत मूर्तियां।
- पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन स्पॉट। भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा।
- पार्क के चारों ओर ऊंची टोकरी। बच्चों संग बड़ों के लिए भी झूले। वोटिंग की सुविधा।
- वीकएंड पर पानीपुरी, भेलपूरी और खिलौनों की सजती है दुकानें।
- कलात्मक मिनी गार्डन, विभिन्न आकृतियों के फव्वारे, खूबसूरत मूर्तियां।
- पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन स्पॉट। भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा।
- पार्क के चारों ओर ऊंची टोकरी। बच्चों संग बड़ों के लिए भी झूले। वोटिंग की सुविधा।
- वीकएंड पर पानीपुरी, भेलपूरी और खिलौनों की सजती है दुकानें।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
हाथी पार्क
80-90 के दशक का सबसे चर्चित दूसरा कोई पार्क है तो वो है हाथी पार्क। विशालकाय हाथी जो चुंबक की तरह बच्चों और बड़ों को अपनी ओर खींचता है, तमाम तरह के फूलों की क्यारियां और लखनवी अंदाज के झूलों के बीच पार्क की सैर को यादगार बनाता है।
खासियत
विशालकाय हाथी। पार्क के ठीक बगल से गुजरती ट्रेनें। घोड़ा,गैंडा की सवारी का लुत्फ। हरी घास पर टहलने का सुकून। एक दर्जन से अधिक बेहतरीन सेल्फी पॉइंट।
80-90 के दशक का सबसे चर्चित दूसरा कोई पार्क है तो वो है हाथी पार्क। विशालकाय हाथी जो चुंबक की तरह बच्चों और बड़ों को अपनी ओर खींचता है, तमाम तरह के फूलों की क्यारियां और लखनवी अंदाज के झूलों के बीच पार्क की सैर को यादगार बनाता है।
खासियत
विशालकाय हाथी। पार्क के ठीक बगल से गुजरती ट्रेनें। घोड़ा,गैंडा की सवारी का लुत्फ। हरी घास पर टहलने का सुकून। एक दर्जन से अधिक बेहतरीन सेल्फी पॉइंट।
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
नींबू पार्क, चौक
रूमी गेट से सटा हरा-भरा नींबू पार्क हर शौकीन की पहली पसंद है। चारों ओर हरियाली के साथ मखमली घास पर टहलने का अपनी ही मजा है। गुलाब पार्क का संयोग इसे और खास बनाता था। विकास की यात्रा में पार्क सिकुड़ा जरुर है, लेकिन हरियाली के अलावा तमाम आकर्षण आज भी मौजूद है। इसके अलावा शाम होते ही शहर के जो चटखारे यहां सजते हैं उनका कोई तोड़ ही नहीं। सुबह और शाम घूमने वालों के लिए गेट पर ही मट्ठे और छाछ का जायका भी शहर के अन्य इलाकों से अलग है।
रूमी गेट से सटा हरा-भरा नींबू पार्क हर शौकीन की पहली पसंद है। चारों ओर हरियाली के साथ मखमली घास पर टहलने का अपनी ही मजा है। गुलाब पार्क का संयोग इसे और खास बनाता था। विकास की यात्रा में पार्क सिकुड़ा जरुर है, लेकिन हरियाली के अलावा तमाम आकर्षण आज भी मौजूद है। इसके अलावा शाम होते ही शहर के जो चटखारे यहां सजते हैं उनका कोई तोड़ ही नहीं। सुबह और शाम घूमने वालों के लिए गेट पर ही मट्ठे और छाछ का जायका भी शहर के अन्य इलाकों से अलग है।