राजभवन के सामने लूट: लुटेरे का पुलिस को मिला सुराग, पुराने रिकॉर्ड से उजागर हुई पहचान
लखनऊ के राजभवन के पास दिनदहाड़े गनमैन की हत्या कर लूट को अंजाम देने वाले बदमाश का पुलिस को सुराग मिल गया है। पुलिस ने घटना के चश्मदीदों से बातचीत के बाद बदमाश का स्केच बनावाया है। पुलिस रिकॉर्ड से मिलाने पर उसका चेहरा सीतापुर के हिस्ट्रीशीटर सतीश मिश्रा से मेल खा रहा है।
ये है पूरी घटना
राजधानी लखनऊ के हाईसिक्योरिटी जोन राजभवन के पास दिनदहाड़े निजी कंपनी के गनमैन की हत्या कर एक्सिस बैंक की कैशवैन से साढ़े छह लाख रुपये की लूट हो गई। कानून मंत्री के घर के नजदीक हुई इस वारदात में कस्टोडियन उमेश शर्मा और ड्राइवर रामसेवक भी घायल हुए हैं। जानकारी पर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह व एडीजी लॉ एंड ऑर्डर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और अफसरों को तत्काल निर्देश जारी किए। वारदात के बाद बदमाश भाग निकला था।
वारदात के बाद घटनास्थल पर यूपी डीजीपी ओ पी सिंह
हर तरफ पुलिसकर्मी ...फिर भी लुटेरा चलाता रहा गोलियां- चश्मदीद गीता देवी
दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात देखकर बुरी तरह घबराई सिद्धार्थनगर निवासी गीता देवी अपने दो मासूम बच्चों के साथ फुटपाथ पर बैठी शोर मचा रही थी। मौके पर पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के आगे आंखों देखा नजारा बया किया। बोली कि आगे-पीछे के दोनों चौराहों पर पुलिस है। राजभवन की चारदीवारी पर बने सभी बुर्ज पर पुलिसकर्मी बंदूक थामे खड़े है। मंत्री जी के बंगले के बाहर भी पुलिसकर्मी थे और बदमाश ताबड़तोड़ गोलियां चलाने के साथ रुपये लूटकर भाग निकला।
बदमाश को गोली चलाता देख पहुंची पुलिस बूथ: चश्मदीद अंशुल गुप्ता
एक निजी चैनल से जुड़ी अंशुल गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी कि वह अपने बच्चे को लेकर राजभवन मार्ग पर जा रही थीं। बदमाश को सड़क पर गोली चलाते देखा तो गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर पुलिस बूथ पर गईं। वहां मौजूद पुलिसकर्मी को वाकया बताया, लेकिन उसने ड्यूटी खत्म हो जाने की बात कही। इस पर वह शोर मचाते हुए मौके पर लौटीं। कुछ देर बाद पुलिस आई। इस बीच बदमाश वारदात अंजाम देकर फरार हो चुका था।
गनमैन के साथ बैठा था, पेट में मार दी गोली
सनसनीखेज वारदात के तीसरे चश्मदीद चालक रामसेवक ने अपने पेट पर दाहिनी तरफ छर्रे का निशान दिखाते हुए बयान दिया कि वह गनमैन इंद्रमोहन के साथ गाड़ी में बैठा था। इस दौरान बदमाश ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। वह गाड़ी से कूदकर भागा। बदमाश ने उसके पेट पर भी गोली मार दी और नोटों से भरे दो बैग लूटकर भागने लगा। रास्ते में कस्टोडियन से भिड़ंत हुई तो उनके पैर में गोली मार दी, लेकिन उन्होंने एक बैग छीन लिया था। रामसेवक के पेट पर सिर्फ एक छर्रे की चोट पुलिस को खटक रही थी। प्राथमिक उपचार कराने के साथ उसे हजरतगंज कोतवाली लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
इस बदमाश के चेहरे से हुआ मिलान।
सनसनीखेज वारदात की खबर पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज के साथ चश्मदीदों से बदमाश का हुलिया मालूम करके स्केच जारी करने के आदेश दिए। कुछ देर बाद पुलिस ने स्केच तैयार कराने के साथ पुलिस रिकार्ड में उपलब्ध लुटेरों के फोटो से मिलान कराया तो सीतापुर के मछरेहटा थाने के हिस्ट्रीशीटर सतीश मिश्रा से उसका चेहरा मेल खा रहा था।
पता चला कि कई संगीन वारदातों का आरोपी सतीश जेल से भी फरार हो चुका है। पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने सतीश को संदेह के घेरे में लेते हुए सीतापुर पुलिस को उसकी तलाश के आदेश दिए। इसके साथ दुस्साहसिक वारदात अंजाम देने में पहले पकड़े जा चुके अन्य बदमाशों के बारे में छानबीन कराई जा रही है।
नीली जींस-छींटदार शर्ट पहने था लुटेरा, चेहरे पर बांधे था अंगौछा
लुटेरा नीले रंग की जींस और छींटदार शर्ट पहने था। कैश वैन के ड्राइवर रामसेवक का कहना है कि लुटेरा चेहरे पर अंगौछा बांधे था, इसलिए वह उसका चेहरा नहीं देख सका। प्रत्यक्षदर्शी और घायलों में से कोई भी लुटेरे की कद-काठी नहीं देख सका।