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आप सोच भी नहीं सकते... एक ही जगह पर लगातार बैठे रहने से भी हो सकती है ये बीमारी

Sat, 31 Mar 2018 03:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 31 Mar 2018 03:11 PM IST
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continuously sitting in one position causing piles
पाइल्स - फोटो : amar ujala
चुनौती भरी नौकरी का तनाव और एक ही जगह पर बैठे रहना आपको पाइल्स (बवासीर) रोगी बना रहा है। इसलिए कई-कई घंटे एक ही जगह पर बैठकर कार्य न करें। खानपान में हरी सब्जियां शामिल करें। योग व व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।  क्योंकि बीमारी के बाद सिर्फ सर्जरी ही इससे निजात का तरीका है। संजय गांधी पीजीआई में आयोजित 22वें सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी वीक में ये जानकारी डॉ. अशोक कुमार ने दी।
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Stomach Pain
एसजीपीजीआई के सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के सर्जन प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि अनियमित जीवन शैली, जंक फूड का अधिक सेवन पेट की बीमारियों को बढ़ा रहा है। कब्ज की वजह से लोगों में बड़ी आंत संबंधी बीमारियां हो जाती है। यदि समय पर इलाज न हो तो बड़ी आंत के आखिरी हिस्से में ट्यूमर या कैंसर हो जाता है। इसलिए बीमारी को छिपाना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडेड हीमोलाइडर आर्टरी लाइगेशन (डीएचएएल) तकनीक से बिना कैंची लगाएं पाइल्स से निजात दिलाना संभव हो गया है।
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stomach diseases
फिस्चुला के इलाज में लिफ्ट तकनीक प्रभावी
फिस्चुला के इलाज में लाइगेशन इंटर स्फिंटरिक फिस्चुला ट्रैक (लिफ्ट) तकनीक सबसे प्रभावी है। इस बीमारी से परेशान लगभग 40 फीसदी लोग जब अस्पताल पहुंचते हैं तो केस बिगड़ चुका होता है। केजीएमयू के सर्जन डॉ. अरशद अहमद और एसजीपीजीआई डॉ. अशोक कुमार द्वितीय ने बताया कि फिस्चुला के गलत इलाज से मरीज को स्थायी नुकसान हो चुका होता है। मल त्याग के समय मस्तिष्क को संदेश देने वाला स्फिंटर खराब हो चुका होता है। यहां तक की मलद्वार का रास्ता भी खराब हो चुका होता है।
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sv - फोटो : Getty Images
उन्होंने बताया कि मलद्वार के भीतरी हिस्से में फोड़ा हो जाता है जो समय पर इलाज न मिलने के कारण बाहर की ओर खुल जाता है और छेद बना देता है। इससे पस निकलता रहता है। समय पर इलाज न मिले तो ये बढ़ता जाता है और स्फिंटर को भी खराब कर देता है। इसका मुख्य कारण संक्रमण और कब्ज है। इसलिए मलद्वार को साफ  रखना चाहिए और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन, हरी सब्जियां लेना चाहिए। साथ ही खूब पानी पीना चाहिए। लिफ्ट तकनीक में ऊपरी और निचले स्फिंटर के बीच से जाकर फिस्चुला ट्रैक्ट को बंद कर देते है, जिससे फोड़ा सूख जाता है।
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Doctor's advice
गलत चिकित्सकों के पास न जाएं
पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. अशोक  कुमार ने कहा कि लोग इस मामले में अप्रशिक्षित डॉक्टरों से दूर ही रहें। पाइल्स के जानलेवा दर्द से निजात पेनलेस एंडोरेक्टल सर्जरी ही दिलाती है। बड़ी आंत के नीचे के हिस्से में पुडेडल नर्व होती है। इसी नर्व से पूरी मांसपेशियों में संवेदना होती है। इसी को दवाओं से ब्लॉक कर दिया जाता है। इसके बाद रेक्टोस्कोप से मलद्वार के रास्ते को फैलाकर उसमें एंडोस्कोप डाला जाता है। उसी से मरीज की सर्जरी की जाती है।  डॉ. सुप्रिया शर्मा ने बताया कि स्टार (स्टेपल्ड ट्रांसरेक्टल रिसेक्शन) तकनीक में भी अंदर जाकर बड़ी आंत की कमजोर पड़ चुकी मांसपेशियों को काटकर निकाल दिया जाता है। इस तकनीक में कोई चीरा या टांका भी नहीं लगाना पड़ता है।
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