कमरे में कम ही रहते हैं डॉक्टर साहब। लंबी लाइन लगाने के बाद जब इन मरीजों का नम्बर आया तो डॉक्टर साहब दोस्तों से बतियाने निकल गए।
यहां खुले में होता है प्लास्टर, अंधेरे में करते हैं इलाज!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 09 Jan 2015 02:23 PM IST
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