तीर्थराज सिंह के घर में इस साल दो मांगलिक कार्यक्रम होने थे। इसी महीने की 16 तारीख को पोती का मुंडन होना था। वहीं, दूसरी बेटी की शादी तय हो गई थी। साल के अंत तक शादी करने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन अग्निकांड में उनके सारे अरमान राख हो गए। बेटे, बहू, भांजे के साथ बेटी और पोती भी काल के गाल में समा गए। मालूम हो कि इंदिरानगर के तकरोही स्थित राम विहार कॉलोनी फेज-2 में मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लग गई। मकान में भरे धुएं से हुए घुप्प अंधेरे में परिवार के लोगों को जान बचाकर घर से निकलने के लिए रास्ता ही नहीं मिला। दम घुटने से घर में मौजूद सभी पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में सात माह की मासूम भी शामिल है। घर के निचले हिस्से में रसोई गैस चूल्हे का अवैध गोदाम था जबकि ऊपरी हिस्से में परिवार रहता था। गोदाम में लाइटर में भरी जाने वाली गैस के 24 से अधिक कैन भी रखे थे, जिनके फटने से आग भड़क गई।
गैस चूल्हा गोदाम में लगी भीषण आग में खाक हो गए पोती के मुंडन व बेटी की शादी के अरमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर की हालात देख आंसू निकलने लगे। पड़ोसियों से बातचीत करते हुए उनके मुंह से निकल पड़ा कि हम क्या सपना देख रहे थे और क्या हो गया। पोती के मुंडन की तैयारी हो रही थी। अचानक भगवान ने हमारी खुशियां क्यों छीन ली। वहीं, वंदना का जिक्र आते ही शब्द निकलने बंद हो गए। खुद को संभालते हुए कहा कि शादी तय कर दी थी। तारीख तय करने के लिए लगातार वर पक्ष से बातचीत चल रही थी। अचानक वंदना ने भी हमारा साथ छोड़ दिया।
क्षेत्राधिकारी गाजीपुर के मुताबिक, कारोबार बड़ा होने के कारण दो जगह गोदाम बनाया गया था। करीब दो हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बने मकान में दो तल थे। भू-तल में तीर्थ राज सिंह का गोदाम था तो ऊपरी हिस्से में परिवार रहता था। यहां परिवार के लिए दो कमरे, ड्राइंगरूम, डाइनिंग हॉल ही था। इसके अलावा बचे हिस्से को भी बतौर गोदाम इस्तेमाल करते थे। यहां चूल्हे के अलावा, रेग्युलेटर, रबर पाइप और लाइटर में भरे जाने वाले गैस सिलिंडर रखे थे।
एसएसपी ने किया मौके का निरीक्षण
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मौका का मुआयना कर क्षेत्राधिकारी व प्रभारी निरीक्षक को निर्देश दिया। इसके पहले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर उन्होंने तीर्थराज सिंह से बातचीत की। ढांढस बंधाते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।