राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण अब काफी कम हो चुका है। ऐसे में यदि एक जून से बाजार सशर्त खुल जाएं तो यह ठप पड़े कारोबार के लिए संजीवनी जैसा होगा। क्योंकि जून व जुलाई में सहालग के 11 शुभ मुहूर्त हैं और इनसे बाजार को काफी उम्मीदें हैं। कारोबारियों का अनुमान है कि बाजार खुलने पर अप्रैल-मई की सहालग और रमजान में हुए नुकसान की 50 फीसदी भरपाई संभव है।
कोरोना संक्रमण घटने से जगी उम्मीद: जून में बाजार खुले तो कारोबार को सहालग में मिलेगी संजीवनी
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कपड़ा : जुलाई के बाद नवरात्र तक सन्नाटा
उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने कहा कि अक्टूबर में शादियां नहीं होंगी। यदि सरकार ने कर्फ्यू हटा दिया तो जून व जुलाई में व्यापारी सरकार की गाइड लाइन पालन करते हुए कारोबार करेंगे। इससे अप्रैल व मई की शादियों और रमजान के नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो जाएगी। जुलाई के बाद तो नवरात्र तक सन्नाटा ही रहेगा।
सराफा : बस, कारोबार चल पड़ेगा
लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार जून में बाजारों को खोल देगी तो ठप सराफा कारोबार चल पड़ेगा। जब दुकानें खुलेंगी तो खरीदार भी आएंगे। लेकिन, शहर की जो महंगी शादियां होनी थीं वह अधिकतर स्थगित हो गई हैं। इन शादियों के परिवार अब तो गहने की खरीद-फरोख्त शादी तारीख के आसपास ही करेंगे। बाजार खुलने से कारोबारियों की रूटीन लाइफ हो जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स : पसंदीदा आइटम खरीदने की मिलेगी आजादी
आदर्श व्यापार मंडल ट्रांसगोमती के अध्यक्ष अनिरुद्ध निगम ने कहा कि बाजार खुलेगा तो खरीदार भी आएगा। भले ही यह ग्राहक शहर का न होकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र का ही क्यों न हो। ग्रामीण क्षेत्र में शादियां खूब हो रही हैं। इसके लिए परिवार फ्रिज, पंखे, कूलर मिक्सी आदि घरेलू इस्तेमाल के आइटम उन कारोबारियों से खरीद कर ले जा रहे हैं जो चोरी छिपे बेच रहे हैं। बाजार खुल जाएगा तो पसंदीदा आइटम खरीदने की आजादी हो जाएगी।
कास्मेटिक : रूटीन खरीदारी तो शुरू हो जाएगी
गोमती नगर स्थित कॉस्मेटिक सेंटर की संचालिका प्रतिमा सिंह ने कहा कि बाजार के खुलने पर अब सहालग के ग्राहक तो नहीं आएंगे, लेकिन जब बाजार खुलेगा तो महिलाएं सजने संवारने के आइटम खरीदने आएंगी। इससे कॉस्मेटिक सेंटर को मुनाफा भले न हो पर जमा पूंजी के छूटने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।