मुंबई में एनसीपी के शरद पवार गुट के नेता व पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की शनिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में बहराइच के कैसरगंज कोतवाली के गंडारा गांव निवासी दो युवकों धर्मराज व शिवा का नाम सामने आया है। धर्मराज को जहां मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तो वहीं फरार शिवा गौतम की तलाश कर रही है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: आरोपी युवा गरीब परिवारों के, ऐसे हैं घरेलू हालात, यूपी पुलिस पहुंची, तस्वीरें
छह भाई बहनों पर दूसरे नंबर पर है शिवा, परिवार की थी जिम्मेदारी
मुंबई के बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में फरार चल रहा शिवा गौतम छह भाई बहनों में सबसे दूसरे नंबर पर था। उससे बड़ी उसकी बहन पूजा(24) है, जिसका विवाह हो चुका है। इसके बाद सभी भाई बहनों से शिवा(20) बड़ा है और पिता बालकिशुन उर्फ ननकुन्ने के बाद परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी उसकी थी। बालकिशुन मजदूरी करते हैं। पूजा और शिवा के बाद उसके घर में पार्वती (17), सत्यम (15), सुंदरम (11) व दुर्गा (09) हैं।
पांच भाईयों में सबसे छोटा है धर्मराज, मजदूरी है जीवन का आधार
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में शामिल दूसरे आरोपी धर्मराज कश्यप की माली हालत भी खराब है। पिता राधेश्याम मछली बेंचकर परिवार चलाते थे, लेकिन आंखों से कम दिखने के चलते वह भी बंद है। धर्मराज के बड़े भाई शिवाजीन (31), सुखराम (29) व गोली (26) की शादी हो चुकी है और तीनों मां बाप से अलग रहते हैं। वहीं अनुराग (24) व धर्मराज (21) की अभी शादी नहीं हुई है और दोनो मां बाप के साथ रहते हैं। परिवार मुख्य रुप से मजदूरी करता है।
शिवा गौतम की मां सुमन ने फफकते हुए बताया कि घर में गरीबी थी, इस लिए तीन साल पहले शिवा पुणे गया था। वहां हरीश नाम के लड़के साथ कबाड़ का काम करता था। होली में घर आया था और उसके बाद घर नहीं आया है। लगभग 8-9 दिन पहले फोन आया था और उसके बाद से फोन भी नहीं आया। 3000 रुपये भेजे थे।
दो माह पहले पहली बार गया था धर्मराज मुंबई
धर्मराज की मां कुसुमा ने बताया कि धर्मराज यहीं रहकर मजदूरी करता था। लेकिन दो माह पहले वह मजदूरी करने मुंबई चला गया। मुंबई जाने के बाद से उसने कोई फोन नहीं किया। मां ने रोते हुए बताया कि धर्मराज ऐसा नहीं बहुत सीधा है। पता नहीं कैसे गलत संगत में आ गया।