सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र के नागरिक मंगलवार की रात घरों में सो रहे थे। बुधवार की भोर क्षेत्र के ककैया पारा के निकट नेशनल हाइवे पर वाहनों की जोरदार भिड़ंत की आवाज और चीख पुकार से लोगों की नींद टूट गई। सभी मौके की और दौड़ पड़े। वहां का नजारा देख हर कोई दहल उठा। मौके पर एक कार ट्रक से भिड़ी हुई थी। कार में सवार लोग फंसे हुए थे। इनमें कोई चीख रहा था तो कोई कराह रहा था। कार में बिजनौर के विधायक लोकेंद्र सिंह समेत पांच लोग फंसे हुए थे। बताते हैं कि कार चालक को झपकी आ जाने के चलते यह हादसा हुआ है।
एक झपकी ने ले ली विधायक सहित पांच की जिंदगी, तेज रफ्तार में भिड़े थे ट्रक व कार
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पुलिस कर्मियों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से कार की बॉडी काटकर में फंसे लोगों निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने विधायक लोकेंद्र सिंह, सुरक्षा में लगे गनर शाहजहांपुर के तारीन टिकली न्यू कालोनी निवासी ब्रजेश मिश्र (24), बुलंद शहर जिले के बीबी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम ढिकौली निवासी दीपक कुमार (30), भाजपा कार्यकर्ता बिजनौर जिले के धामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सड़कड़ा निवासी तरुण कुमार(32) को मृत घोषित कर दिया। चालक बिजनौर के बिहारीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हाफिज जामाद निवासी सचिन चौहान (24) ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। बताया जा रहा है कि कार डिवाइडर पार करके ट्रक से टकराई है। बताते हैं कि चालक को झपकी आ जाने के चलते यह हादसा हुआ है।
मां की गोद तो पत्नी की मांग हो गई सूनी
हादसे ने शाहजहांपुर के तारीन टिकली न्यू कालोनी निवासी गनर ब्रजेश मिश्र (24) के परिवार को झकझोर कर रख दिया है। मां अपनी गोद उजड़ने को तो पत्नी मांग सूनी होने के गम में बिलख रही थीं। लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन जख्म इस कदर गहरा था, कि दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा है। ककैया पारा के पास हुए हादसे में ब्रजेश मिश्रा की भी जान चली गई। हादसे के बाद मां धनेश्वरी मिश्रा, बहन निधि मिश्रा व पत्नी स्वाती मिश्रा पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गईं। शव को देखते ही वे बिलख पड़ी। वर्ष 2011 में ब्रजेश मिश्रा के पिता रामदेव मिश्र की भी सड़क हादसे में जान चली गई थी। मृतक आश्रित में बृजेश मिश्रा को नौकरी मिली थी। गत 19 अप्रैल 2017 को ही ब्रजेश मिश्रा का विवाह स्वाती मिश्रा के साथ किया गया था। ब्रजेश मिश्रा जहां मां का साथ नहीं दे सका, वहीं पत्नी का साथ तो एक वर्ष भी नहीं दे सका। सास व बहू का रो रोकर बुरा हाल था। मां बार बार कह रही थी, कि उसे अगर पता होता, तो कभी पुत्र को नौकरी नहीं करने देती। मां व पत्नी को देखकर हर किसी की आंखें डबडबा आ रही थीं। (पुलिस लाइन में शव देख रोती मृतक सिपाही बूजेश मिश्रा की पत्नी।)
अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस तक भाजपाईयों का तांता
कमलापुर के ककैयापारा में बिजनौर के नूरपुर विधायक लोकेंद्र सिंह की कार दुर्घटना में मौत होने के बाद जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का तांता लगा हुआ था। प्रदेश स्तर से पंचायती राजमंत्री भूपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री ब्रज बहादुर, क्षेत्रीय महामंत्री दिनेश तिवारी, अशोक कटारिया, कांता कर्दम,सांसद रेखा वर्मा, विधायक ज्ञान तिवारी, रामकृष्ण भार्गव, सुरेश राही, सुनील वर्मा, महेंद्र यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलाल राही, जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, जिलामहामंत्री अचिन मेहरोत्रा, दिनेश शर्मा, साकेत मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश त्रिपाठी आदि नेताओं व कार्यकर्ता अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचे।
एबीवीपी से शुरू किया था राजनैतिक सफर
बिजनौर के सेवहरा थाना क्षेत्र के ग्राम आलमपुरी निवासी नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र सिंह ने अपना राजनैतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू किया था। उनकी शिक्षा धामपुर के आरएसएम डिग्री कालेज में हुई है। वर्ष 1990 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राजनीति में सक्रिय हुए। 2001 में भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे । 2003 में भाजपा के जिला महामंत्री रहे। 2009 में भाजपा जिलाध्यक्ष रहे । 2007 में पहला चुनाव धामपुर से विधानसभा से लड़े, लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा । 2012 में नूरपुर विधानसभा सीट सृजित होने के बाद वह भाजपा से विधायक बने। इसी सीट पर वे दूसरी बार भी चुनाव लड़े और जीत हासिल की। तीन भाइयों में विधायक छोटे थे। उनका विवाह 15 साल पहले क्षेत्र के ग्राम गोहावर में अवनिश सिंह के साथ हुई थी। उनके दो बच्चे तेजस (11) व ओजस (7) हैं। वे देहरादून के स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विधायक विधानसभा कमेटी के कोषाध्यक्ष भी रहे। भाजपा विधायक की मौत के बाद बिजनौर में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे के बाद विधायक का शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा, तो उनके गांव से कॉल आनी शुरू हो गई। गांव के लोग बता रहे थे कि उनके गांव आलमपुर में लोगों का तांता लगा हुआ है। सभी उनके शव के घर आने का इंतजार कर रहे हैं।