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राममय हुई अयोध्या, मुस्लिम बोले-'यह खुदाई की जीत है, राम और खुदा सब एक हैं'
Sun, 10 Nov 2019 09:43 AM IST
शाहरुख खान
धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 10 Nov 2019 09:43 AM IST
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एक दूसरे को मिठाई खिलाते हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला विराजमान के पक्ष में निर्णय सुनाया, समूची अयोध्या राममय हो उठी। संत-धर्माचार्यों ने मंत्र का उच्चारण कर आराध्य को याद किया। जो जहां था वहीं से रामजन्मभूमि की ओर शीश झुकाता दिखा। निर्मोही अखाड़े को अपना दावा खारिज होने के बाद भी जहां राममंदिर बनने का रास्ता साफ होेने की खुशी थी, तो मुस्लिम पक्षकार भी फैसले का स्वागत करते नजर आए।
एक दूसरे के गले लगते हुए
- फोटो : अमर उजाला
सबके स्वर में एक ही संकल्प और उम्मीद तारी थी कि अब यहां रामराज्य जैसा स्वरूप साकार करने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। सभी में इस बात की ज्यादा प्रसन्नता थी कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या को लेकर भविष्य की सारी राजनीति का भी अंत कर दिया। जीत हुई तो सिर्फ रामलला की। रामनगरी अयोध्या और इससे सटे नवाबी शहर फैजाबाद में शनिवार सुबह तमाम अनहोनी व आशंकाओं से भरी थी।
एक दूसरे के गले लगते हुए
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट से आने वाले निर्णय को लेकर लोग रात में चैन से सो नहीं पाए थे। किसी को अपने घर में राशन की चिंता थी तो किसी को दवा इलाज और रसोई गैस की। व्यापारियों को रोजगार तो स्कूल अब कब खुलेगा यह सवाल मासूम बच्चों से लेकर बड़े तक पूछते दिखे, लेकिन नजारा बिल्कुल अलग था। फैजाबाद में हिंदू-मुसलमान एक साथ गुलाबबाड़ी में टहलने निकले, रामनगरी में सरयू स्नान से लेकर मंदिरों में भोर की आरती के साथ घंटे-घड़ियाल की गूंज सब कुछ सामान्य होने का इशारा कर रही थी।
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अयोध्या में मार्केट में चहल-पहल
- फोटो : अमर उजाला
दिन निकलते ही खुल गईं दुकानें
दिन निकलने के साथ हनुमानगढ़ी, रामजन्मभूमि मार्ग, नयाघाट, रेलवे स्टेशन, राम की पैड़ी, शृंगारहाट आदि इलाकों में दुकानें भी खुलीं। भक्तों का मंदिरों में दर्शन-पूजन भी निर्बाध गति से चला। सिर्फ बाहर से आने वालों को अयोध्या के भीतरी इलाके में घुसने की इजाजत नहीं थी। मुस्लिम इलाकों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था से लोग बेहद खुश नजर आए। सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही सुबह रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया, पूरी अयोध्या रामधुन में मगन हो गई। फैसले की हर बारीकी पर नजर रख रहे।
दिन निकलने के साथ हनुमानगढ़ी, रामजन्मभूमि मार्ग, नयाघाट, रेलवे स्टेशन, राम की पैड़ी, शृंगारहाट आदि इलाकों में दुकानें भी खुलीं। भक्तों का मंदिरों में दर्शन-पूजन भी निर्बाध गति से चला। सिर्फ बाहर से आने वालों को अयोध्या के भीतरी इलाके में घुसने की इजाजत नहीं थी। मुस्लिम इलाकों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था से लोग बेहद खुश नजर आए। सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही सुबह रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया, पूरी अयोध्या रामधुन में मगन हो गई। फैसले की हर बारीकी पर नजर रख रहे।
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मुस्लिम पक्षकार से बात करते निर्मोही अखाड़े के संत (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
संतों ने किया जयघोष से परहेज
निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार महंत दिनेंद्र दास के यहां का माहौल उत्साहपूर्ण था। यहां मौजूद संत वरुण दास, आचार्य नारायण मिश्र, अधिवक्ता प्रभात सिंह आदि रामजन्मभूमि की ओर शीश झुकाकर बार-बार प्रणाम करते दिखे। लेकिन महंत ने सौहार्द का संकल्प दिलाते हुए जयघोष से मना कर दिया। कारसेवकपुरम में टीवी से चिपके सखा रामलला के पक्षकार त्रिलोकीनाथ पांडेय भी सुप्रीम कोर्ट से संपूर्ण अधिकार सरकार को दिए जाने से खुश नजर आए।
निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार महंत दिनेंद्र दास के यहां का माहौल उत्साहपूर्ण था। यहां मौजूद संत वरुण दास, आचार्य नारायण मिश्र, अधिवक्ता प्रभात सिंह आदि रामजन्मभूमि की ओर शीश झुकाकर बार-बार प्रणाम करते दिखे। लेकिन महंत ने सौहार्द का संकल्प दिलाते हुए जयघोष से मना कर दिया। कारसेवकपुरम में टीवी से चिपके सखा रामलला के पक्षकार त्रिलोकीनाथ पांडेय भी सुप्रीम कोर्ट से संपूर्ण अधिकार सरकार को दिए जाने से खुश नजर आए।