लखनऊ की पहली महिला महापौर बनने की रेस में शामिल पांच प्रमुख दावेदारों की मतदान के बाद की पहली सुबह चुनावी शोर-शराबे से दूर बेहद शांत माहौल में गुजरी। सुबह मंदिर में पूजा और परिजनों के साथ चाय-नाश्ता के बाद करीबी लोगों से मिलने का दौर चला। आराम के बजाय राजनीतिक गुणा भाग, व्यवसायिक जिम्मेदारियों के अलावा शहर के मतदाताओं के हक की लड़ाई भी मेयर प्रत्याशियों के दिन का हिस्सा बनी, हल्के- फुल्के घरेलू माहौल से शुरू हुई दिनचर्या में चुनावी परिणामों की चर्चा से लेकर और भी बहुत कुछ शामिल रहा। अमर उजाला टीम ने मतदान के बाद प्रत्याशियों के पहले दिन का हाल जाना। पेश है रिपोर्ट...
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किसी ने बेटे संग बिताया दिन, किसी ने की पूजा-पाठ, यूं बीता चुनाव बाद प्रत्याशियों का दिन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:42 PM IST
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प्रियंका और मीरा वर्धन
- फोटो : amarujala
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संयुक्ता भाटिया
- फोटो : amarujala
भागदौड़ से मिली राहत, पारिवारिक मुद्दों पर विचार-विमर्श
चुनाव को लेकर जबर्दस्त सरगर्मियां थीं। भाजपा केंद्र व राज्य में बेहतरीन ढंग से शासन चला रही है। ऐसे में जब मुझे भाजपा ने लखनऊ मेयर प्रत्याशी के लिए चुना तो काफी प्रेशर था। पार्टी की इज्जत का मामला था, लिहाजा कार्यकर्ताओं के साथ जी-जान से जुट गई। यह कहना है भाजपा मेयर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया का, जिन्होंने वोटिंग के बाद सोमवार को दिनभर घर पर परिजनों के साथ बिताया। उन्होंने बताया कि वोटिंग होने तक जो मेहनत की है, उसी का रिजल्ट जीत के रूप में सामने आएगा। चुनाव के बाद बेटे प्रशांत से खुलकर बात की। परिवार के अन्य बच्चों से मिली। असली खुशी तब होगी, जब मतगणना के दिन मेरी जीत होगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को लोगों से मिलने के अतिरिक्त मंदिर गई और परिजनों के साथ खाना खाया और पारिवारिक मुद्दों पर विचार-विमर्श भी हुआ। लोगों ने मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया, पर मुझे इंतजार है मतगणना का। उम्मीद है कि मेयर पद जीतने के बाद जनता के मुद्दों पर खरी उतरूंगी और लखनऊ को एक नायाब शहर बनाऊंगी, जहां सिर्फ खुशहाली ही खुशहाली होगी। - संयुक्ता भाटिया, भाजपा मेयर प्रत्याशी
चुनाव को लेकर जबर्दस्त सरगर्मियां थीं। भाजपा केंद्र व राज्य में बेहतरीन ढंग से शासन चला रही है। ऐसे में जब मुझे भाजपा ने लखनऊ मेयर प्रत्याशी के लिए चुना तो काफी प्रेशर था। पार्टी की इज्जत का मामला था, लिहाजा कार्यकर्ताओं के साथ जी-जान से जुट गई। यह कहना है भाजपा मेयर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया का, जिन्होंने वोटिंग के बाद सोमवार को दिनभर घर पर परिजनों के साथ बिताया। उन्होंने बताया कि वोटिंग होने तक जो मेहनत की है, उसी का रिजल्ट जीत के रूप में सामने आएगा। चुनाव के बाद बेटे प्रशांत से खुलकर बात की। परिवार के अन्य बच्चों से मिली। असली खुशी तब होगी, जब मतगणना के दिन मेरी जीत होगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को लोगों से मिलने के अतिरिक्त मंदिर गई और परिजनों के साथ खाना खाया और पारिवारिक मुद्दों पर विचार-विमर्श भी हुआ। लोगों ने मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया, पर मुझे इंतजार है मतगणना का। उम्मीद है कि मेयर पद जीतने के बाद जनता के मुद्दों पर खरी उतरूंगी और लखनऊ को एक नायाब शहर बनाऊंगी, जहां सिर्फ खुशहाली ही खुशहाली होगी। - संयुक्ता भाटिया, भाजपा मेयर प्रत्याशी
प्रियंका
- फोटो : amarujala
दिल के टुकड़े संग बिता दिन, रात को शादी में हुई शरीक
चुनाव प्रचार-प्रसार में इतनी व्यस्त थी कि चार महीने के बेटे रियांश का चेहरा देखकर घर से निकलती और रात में जब लौटती तो वह सो चुका होता था। संबंधों को शब्दों में मैं बयां नहीं कर सकती। बेटे से दूर रहकर चुनाव लड़ना कितना मुश्किल था, यह सिर्फ एक मां ही समझ सकती है। इसलिए सोमवार को जब सुकून के पल मिले तो मैंने वह किया, जो हरेकमां करती। बेटे को जी भरकर गले लगाया, उसके साथ चार-पांच घंटे बिताए और सारी कसर पूरी की। आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी प्रियंका माहेश्वरी ने सोमवार को अपनी दिल की बात कुछ यूं बयां की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। कार्यकर्ताओं की मेहनत जरूर रंग लाएगी। यह तय है। प्रियंका ने बताया कि इतवार को वोटिंग खत्म होेने के बाद सोमवार को परिवार के साथ पूरा दिन बिताया, जबकि रात में शादियों में शामिल हुए। प्रियंका के पति गौरव माहेश्वरी ने बताया कि बेटी पलाक्षी माहेश्वरी, चार महीने के बेटे रियांश और मां-बाबू जी के साथ दिन बिताया। चाय पर चुनाव को लेकर बातचीत भी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ और उनसे वोटिंग का फीडबैक लिया गया। यह क्रम काफी देर तक चला। अब इंतजार है, मतगणना का। और हमें पूरी उम्मीद है कि लखनऊ की जनता ने हमारे सिर पर ही जीत का सेहरा बांधा है। सारी तैयारियां कर ली हैं, बस जिम्मेदारी मिलते ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। - प्रियंका माहेश्वरी, आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी
चुनाव प्रचार-प्रसार में इतनी व्यस्त थी कि चार महीने के बेटे रियांश का चेहरा देखकर घर से निकलती और रात में जब लौटती तो वह सो चुका होता था। संबंधों को शब्दों में मैं बयां नहीं कर सकती। बेटे से दूर रहकर चुनाव लड़ना कितना मुश्किल था, यह सिर्फ एक मां ही समझ सकती है। इसलिए सोमवार को जब सुकून के पल मिले तो मैंने वह किया, जो हरेकमां करती। बेटे को जी भरकर गले लगाया, उसके साथ चार-पांच घंटे बिताए और सारी कसर पूरी की। आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी प्रियंका माहेश्वरी ने सोमवार को अपनी दिल की बात कुछ यूं बयां की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। कार्यकर्ताओं की मेहनत जरूर रंग लाएगी। यह तय है। प्रियंका ने बताया कि इतवार को वोटिंग खत्म होेने के बाद सोमवार को परिवार के साथ पूरा दिन बिताया, जबकि रात में शादियों में शामिल हुए। प्रियंका के पति गौरव माहेश्वरी ने बताया कि बेटी पलाक्षी माहेश्वरी, चार महीने के बेटे रियांश और मां-बाबू जी के साथ दिन बिताया। चाय पर चुनाव को लेकर बातचीत भी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ और उनसे वोटिंग का फीडबैक लिया गया। यह क्रम काफी देर तक चला। अब इंतजार है, मतगणना का। और हमें पूरी उम्मीद है कि लखनऊ की जनता ने हमारे सिर पर ही जीत का सेहरा बांधा है। सारी तैयारियां कर ली हैं, बस जिम्मेदारी मिलते ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। - प्रियंका माहेश्वरी, आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी
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प्रेमा
- फोटो : amarujala
पूजा-पाठ के बाद बच्चों संग किया भोजन
पिछले 20 दिनों से चुनावी भागदौड़ के बाद सोमवार को परिवार के साथ वक्त गुजारा। पोता-पोती और मुंबई में रह रही बेटी से खुलकर बात की। करीब एक पखवाड़ा बाद परिवार के साथ लंच किया। ऐसा लगा रहा था मानों कहीं बाहर टूर पर चले गए थे और अब लौटकर आए हैं। बच्चों को भी अब तक शिकायत थी कि मम्मी मिल ही नहीं पा रही है। सुबह से रात तक प्रचार और मीटिंग का ही सिलसिला चलता था तो उनको वक्ता ही नहीं दे पाती थी। मतदान पूरा हुआ तो उन सबके साथ बैठकर खूब बात हुई। इस बीच मिलने वाले भी आते रहे। उनसे भी बात चलती रही। सुबह चाय-नाश्ता के बाद सबसे पहले मनकामेश्वर मंदिर गए। वहां भगवान शिव की आराधना की। उसके बाद दोपहर में फिर गोमती नगर के ओम नम: शिवाय मंदिर गए, वहां भी पूजा की। शाम को एक रिश्तेदार के यहां भागवत कथा पाठ में शामिल हुई। लंबी भागदौड़ के कारण तबीयत भी थोड़ी खराब हो गई। गला बैठ गया और सुबह से बुखार भी है। बेटा घर पर ही डॉक्टर को बुलाकर लाया। उन्होंने दवा दी तो उसके बाद राहत है। प्रचार और मतदान का काम पूरा हुआ है और अब मतगणना की तैयारी में लगना है। मतगणना की जिम्मेदारी किस-किस को सौंपनी है, यह भी तय करना है। - प्रेमा अवस्थी, कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी
पिछले 20 दिनों से चुनावी भागदौड़ के बाद सोमवार को परिवार के साथ वक्त गुजारा। पोता-पोती और मुंबई में रह रही बेटी से खुलकर बात की। करीब एक पखवाड़ा बाद परिवार के साथ लंच किया। ऐसा लगा रहा था मानों कहीं बाहर टूर पर चले गए थे और अब लौटकर आए हैं। बच्चों को भी अब तक शिकायत थी कि मम्मी मिल ही नहीं पा रही है। सुबह से रात तक प्रचार और मीटिंग का ही सिलसिला चलता था तो उनको वक्ता ही नहीं दे पाती थी। मतदान पूरा हुआ तो उन सबके साथ बैठकर खूब बात हुई। इस बीच मिलने वाले भी आते रहे। उनसे भी बात चलती रही। सुबह चाय-नाश्ता के बाद सबसे पहले मनकामेश्वर मंदिर गए। वहां भगवान शिव की आराधना की। उसके बाद दोपहर में फिर गोमती नगर के ओम नम: शिवाय मंदिर गए, वहां भी पूजा की। शाम को एक रिश्तेदार के यहां भागवत कथा पाठ में शामिल हुई। लंबी भागदौड़ के कारण तबीयत भी थोड़ी खराब हो गई। गला बैठ गया और सुबह से बुखार भी है। बेटा घर पर ही डॉक्टर को बुलाकर लाया। उन्होंने दवा दी तो उसके बाद राहत है। प्रचार और मतदान का काम पूरा हुआ है और अब मतगणना की तैयारी में लगना है। मतगणना की जिम्मेदारी किस-किस को सौंपनी है, यह भी तय करना है। - प्रेमा अवस्थी, कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी
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मीरा वर्द्धन
- फोटो : amarujala
भोले बाबा के दर्शन से शुरू किया दिन
सपा की मेयर प्रत्याशी मीरा वर्द्धन के दिन की शुरुआत भोले बाबा के दर्शन से हुई। गोखले मार्ग पर स्थित आवास के पास ही स्थित शिव मंदिर में उन्होंने माथा टेका और अपने 26 दिन से चल रहे थकाऊ शिड्यूल से छूटे कार्यों का हालचाल लेना शुरू किया। बिना देखभाल के बिखर चुके घर को एक सुदृढ़ गृहिणी की तरह फिर से सहेजा। फिर अपने बिजनेस का हालचाल लेने अशोक मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। पहले सबकी शुभकामनाएं स्वीकारी और अपने कर्मचारियों का हालचाल लिया। इसके बाद अपने ऑफिस के केबिन में बैठकर कर्मचारियों से व्यापार के बारे में जानकारी ली। दोपहर 2.30 बजे बाद मीडिया कर्मियों के फोन आने शुरू हो गए तो थोड़ी देर का ब्रेक लिया। इसके बाद फिर से पेट्रोल पंप पर आने वालों के लिए सुविधाओं को दुरुस्त करने काम शुरू हो गया। पूरी तरह से धार्मिक, लहसुन और प्याज से परहेज करने वाले मीरा वर्द्धन ने बताया कि उनकी दिनचर्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। भगवान के दर्शन से दिन की शुरुआत करती है। सोमवार को भगवान शिव, मंगलवार को हनुमान जी, बृहस्पतिवार को विष्णु जी और फिर शनिवार को शनि देव के दर्शन करती हैं। इसके बाद रोज का रुटीन एक ही है। राजनीति में उतरने के बाद जनसंपर्क में लोगों की समस्याओं को नजदीक से जाना-समझा अब उन्हें दूर करना भी एक लक्ष्य है। - मीरा वर्द्धन
सपा की मेयर प्रत्याशी मीरा वर्द्धन के दिन की शुरुआत भोले बाबा के दर्शन से हुई। गोखले मार्ग पर स्थित आवास के पास ही स्थित शिव मंदिर में उन्होंने माथा टेका और अपने 26 दिन से चल रहे थकाऊ शिड्यूल से छूटे कार्यों का हालचाल लेना शुरू किया। बिना देखभाल के बिखर चुके घर को एक सुदृढ़ गृहिणी की तरह फिर से सहेजा। फिर अपने बिजनेस का हालचाल लेने अशोक मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंच गई। पहले सबकी शुभकामनाएं स्वीकारी और अपने कर्मचारियों का हालचाल लिया। इसके बाद अपने ऑफिस के केबिन में बैठकर कर्मचारियों से व्यापार के बारे में जानकारी ली। दोपहर 2.30 बजे बाद मीडिया कर्मियों के फोन आने शुरू हो गए तो थोड़ी देर का ब्रेक लिया। इसके बाद फिर से पेट्रोल पंप पर आने वालों के लिए सुविधाओं को दुरुस्त करने काम शुरू हो गया। पूरी तरह से धार्मिक, लहसुन और प्याज से परहेज करने वाले मीरा वर्द्धन ने बताया कि उनकी दिनचर्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। भगवान के दर्शन से दिन की शुरुआत करती है। सोमवार को भगवान शिव, मंगलवार को हनुमान जी, बृहस्पतिवार को विष्णु जी और फिर शनिवार को शनि देव के दर्शन करती हैं। इसके बाद रोज का रुटीन एक ही है। राजनीति में उतरने के बाद जनसंपर्क में लोगों की समस्याओं को नजदीक से जाना-समझा अब उन्हें दूर करना भी एक लक्ष्य है। - मीरा वर्द्धन