लखनऊ में गोमतीनगर के विश्वासखंड में डॉ. मजहर हुसैन की निर्माणाधीन क्लीनिक में सबमर्सिबल के लिये खोदे गये 13 फिट गहरे गड्ढे में मंगलवार दोपहर एक मजदूर फंस गया। साथी मजदूरों और ठेकेदारों की चीख पुकार सुनकर वहां हड़कंप मच गया।
सूचना पर गोमतीनगर थाने की पुलिस, फायरब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम ने साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मजदूर को सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ठेकेदार अहमद बेग ने बताया कि क्लीनिक में पीछे की तरफ कुछ दिन पहले ही सबमर्सिबल के लिये बोरिंग कराई गई थी। इसके लिये चार फुट की चौड़ाई में काफी गहरा गड्ढा खोदा गया था। 13 फिट की गहराई में सबमर्सिबल का मोटर फंस गया। काफी कोशिशों के बाद भी मोटर ऊपर नहीं आया तो सबर्मिसिबल मिस्त्री ने बांस बल्ली के सहारे मजदूरों को गड्ढे में उताकर मोटर खींचकर बाहर निकालने की सलाह दी।
ठेकेदार के कहने पर निर्माणाधीन क्लीनिक में काम कर रहे मजदूर घनश्याम, उसका भाई राज कुमार और बलराम को मोटर निकालने लगे। दोपहर लगभग दो बजे घनश्याम को गड्ढे में उतार दिया गया। साथी मजदूर उसकी मदद कर रहे थे। अचानक गड्ढे की मिट्टी धंस गई और घनश्याम 13 फिट नीचे गहरे गड्ढे में गिर पड़ा। उसके ऊपर आस पास की काफी मिट्टी गिर पड़ी।
भाई को गड्ढे में फंसा देखकर मजदूर राज कुमार जोर-जोर से चिल्लाने लगा। ठेकेदार अहमद बेग ने तत्काल इसकी सूचना डॉ. मजहर हुसैन को दी। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम से मदद मांगी। कुछ ही देर में गोमतीनगर थाने के सिपाही अजय कुमार , राकेश यादव और महिला मौके पर पहुंच गये।