Yoga to look younger: बढ़ती उम्र का असर चेहरे और शरीर पर कम दिखने लगता है लेकिन अगर आप चाहते हैं कि ऐसा न हो तो आपको खान-पान, दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। बुढ़ापे में जवान और ऊर्जावान दिखने के लिए कुछ योगासन भी मदद कर सकते हैं।
Yoga Tips: बुढ़ापे में भी दिखना है जवान तो आजमाएं ये दो योगासन, आएंगे बहुत काम
40-45 की आयु वाले लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल जरूर शामिल करें। नियमित अभ्यास से आप लंबे समय तक जवान और स्वस्थ दिख सकते हैं। लेख में दो ऐसे योगासनोंके बारे में बता रहे हैं, जो एंटी-एजिंग के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
शीर्षासन
अधिक आयु वाले लोग जवान दिखने के लिए और अपनी उम्र को झुपाए रखने के लिए शीर्षासन का अभ्यास नियमित करें। इसे करने के लिए
- सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
- अब अपने हाथों को आपस में जोड़कर सिर के पास रखें।
- धीरे-धीरे अपने सिर का वजन हाथों पर डालते हुए पैरों को ऊपर उठाएं।
- पूरे शरीर को सीधा रखते हुए संतुलन बनाएं।
- कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
शीर्षासन के स्वास्थ्य लाभ
- आसन के नियमित अभ्यास से रक्त संचार बढ़ता है। सिर की ओर अधिक रक्त प्रवाह से चेहरे पर चमक आती है।
- शीर्षासन झुर्रियों को कम करता है। त्वचा में कसाव लाने में मदद करता है।
- ये आसन बालों को घना बनाता है। अभ्यास के दौरान सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
- शीर्षासन के अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है। तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे बढ़ती उम्र के प्रभाव कम होते हैं।
भुजंगासन
भुजंगासन का अभ्यास कई स्वास्थ्य लाभ देता है, जिसमें से एक एंटी एंजिंग भी है। इस आसन के अभ्यास के लिए,
- पेट के बल लेट जाएं और हाथों को कंधों के पास रखें।
- अब धीरे-धीरे अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं।
- कोहनी को थोड़ा मोड़कर रखें और सिर को आसमान की ओर करें।
- कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर वापस आएं।
भुजंगासन के स्वास्थ्य लाभ
- भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। शरीर को लचीला बनाए रखता है, जिससे बुढ़ापे में भी फुर्ती बनी रहती है।
- इस आसन के अभ्यास से त्वचा में निखार आता है। शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे त्वचा स्वस्थ और जवान दिखती है।
- भुजंगासन पाचन को दुरुस्त करता है। बढ़ती उम्र में पेट की समस्याओं से बचाता है।
- नियमित अभ्यास करने से सांस की तकलीफ कम होती है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर सांस लेने की परेशानी दूर करता है।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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