Mayurasana Benefits: योग शरीर को स्वस्थ रखने का बहुत प्राचीन और अधिक असरदार उपचार है। योग से आंतरिक रूप से ऊर्जा मिलती है, साथ ही लंबे समय तक बीमारियों से बच सकते हैं। योग की अनेक मुद्राएं होती हैं, इन्हीं में से एक मयूरासन है। मयूरासन योग मुद्रा का अभ्यास शरीर को बहुत सारी बीमारियों से सुरक्षित रखता है। पेट संबंधी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।
Yoga Tips: शरीर दर्द से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार तक बहुत फायदेमंद है मयूरासन, जानें अभ्यास का तरीका
मयूरासन के फायदे
- मयूरासन का नियमित अभ्यास शरीर डिटाॅक्सिफाई करता है। ट्यूमर और बुखार जैसी समस्याओं से बचाता है।
- इस आसन के अभ्यास से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
- पेट के रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है, पेट व अंदरूनी तंत्र मजबूत होते हैं।
- मधुमेह की समस्या में मयूरासन का अभ्यास लाभकारी उपचार है। इससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
- प्रजनन क्षमता की कमी वाले पुरुषों के लिए मयूरासन लाभकारी योग है।
- हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए मयूरासन का अभ्यास कर सकते हैं। इससे कंधे, कोहनी, कलाई और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है।
मयूरासन की विधि
स्टेप 1- इस आसन को करने के लिए मैट पर घुटनों के बल बैठकर हाथों को जमीन पर रखें। हाथ की उंगली को पैरों पर रखते हुए पैरों को पास और घुटनों को दूर रखें।
स्टेप 2- अब घुटनों के बीच दोनों हाथों को टिकाएं। फिर हाथ की कोहनी को पेट पर अच्छे से सेट करते हुए कोहनी नाभि के दाएं बाएं रखें।
स्टेप 3- दोनों पैरों को पीछे की ओर फैलाकर सीधा कर लें। शरीर को आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों पर शरीर का पूरा वजन लाने का प्रयास करें। हाथों पर संतुलन बनाते हुए शरीर को ऊपर उठाएं।
स्टेप 4- इस दौरान सिर्फ हाथ जमीन से जुड़े रहेंगे और पूरा शरीर हवा में होगा। क्षमता अनुसार इस मुद्रा में अधिक समय तक रह सकते हैं। पुनः: प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं और पैरों को जमीन पर रख लें।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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