Yoga Poses To Ease Your Back Pain: जल्दबाजी, हड़बड़ाहट या फिसलने आदि किसी भी कारण से कोई भी व्यक्ति गिर जाता है। आमतौर पर फिसलकर गिरने वाले लोग पीठ व कमर के बल गिरते हैं, जिससे उनके शरीर के पिछले या निचले हिस्से पर गहरी चोट आ जाती है। कई बार चोट गंभीर न होते हुए भी बहुत दर्द करती है, जैसे गिरने के कारण पीठ, कमर या कूल्हे पर चोट के लाल व नीले निशान बनना।
Yoga Tips: गिरने पर लगी पीठ और कमर की चोट होती है दर्द, तो करें ये योगासन
चोट के कारण या अन्य कारणों से पीठ व कमर में आए दर्द को कम करने के लिए कुछ योगासन असरदार हैं। हालांकि चोट में योग करने से पहले चिकित्सीय परामर्श जरूर लें।
भुजंगासन (Cobra Pose):
इस आसन में पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधे के नीचे रखें। सांस छोड़ते हुए छाती को ऊपर की ओर खींचें। हाथों की सीध पर शरीर को ऊपर उठाएं। इस स्थिति में कुछ देर रहते हुए सांस लें। भुजंगासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी की मजबूत होती है। अस्थमा के लक्षणों में कमी आती है। तनाव व थकान दूर होता है। छाती, फेफड़ों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है।
बालासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठकर शरीर का भार एड़ियों पर डालें।अब गहरी सांस भरते हुए आगे झुकें और सीना जांघों से छूएं। फिर माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकेंड इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं
सेतुबंधासन
इस आसन को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें। दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़े। सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं। मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें। सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
ताड़ासन
ताड़ासन के अभ्यास पीठ दर्द से राहत दिलाता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों के बीच दूरी बनाकर एड़ियों और पंजों पर खड़े हो जाएं। फिर हाथों को कमर की सीध से ऊपर ले जाएं और हथेलियों व उंगलियों को मिला लें। गर्दन सीधी रखें, साथ ही एड़ियों को ऊपर उठाते हुए शरीर का भार पंजो पर डालें। इस अवस्था में संतुलन बनाते हुए कुछ देर रहें, फिर पुरानी अवस्था में आ जाएं।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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