शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी अंगों का सुचारू रूप से कार्यरत रहना आवश्यक माना जाता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में जीवनशैली और आहार से संबंधित गड़बड़ी के कारण कई अंगों से संबंधित समस्याएं काफी बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। विशेषकर पिछले कुछ वर्षों में लिवर और किडनी से संबंधित रोगियों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। ये दोनों अंग शरीर में कई प्रकार के हार्मोन्स के नियमन, रक्त की शुद्धता और शरीर से विषाक्तता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में इन अंगों में होने वाली समस्याओं का शरीर पर कई प्रकार से दुष्प्रभाव हो सकता है।
Yoga Tips: दूर होंगी किडनी-लिवर से संबंधित कई तरह की दिक्कतें, इन योगासनों को बनाइए दिनचर्या का हिस्सा
कपालभाति प्राणायाम से लिवर को फायदा
कपालभाति प्राणायाम, सांस लेने का अनूठा अभ्यास है जो लीवर सिरोसिस, पीलिया, हेपेटाइटिस और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। योग विशेषज्ञ बताते हैं कि कपालभाति प्राणायाम लिवर के कार्यों को उत्तेजित करने में मदद करने के साथ लीवर की विभिन्न समस्याओं को प्रभावी ढंग ठीक करने में सहायक है। किडनी की समस्या वाले लोगों को भी इससे लाभ मिलता है।
नौकासन योग से होने वाले लाभ
नौकासन योग का नियमित अभ्यास गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। किडनी के कार्यों को आसान बनाने और इससे संबंधित तमाम तरह के रोगों के जोखिम को कम करने के लिए नौकासन योग का नियमित अभ्यास करना लाभप्रद हो सकता है।
योगासनों की आदत किडनी रोग के शिकार लोगों की जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ किडनी को स्वस्थ रखने में आपके लिए काफी मददगार हो सकता है।
मत्स्यासन योग से मिलेगा लाभ
मत्स्यासन योग के अभ्यास की आदत बनाकर भी आप किडनी की समस्याओं को कम कर सकते हैं। यह थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करने के साथ विशुद्धि चक्र को उत्तेजित करने और हार्मोन्स को संतुलित करने वाला अभ्यास है। फैटी लिवर की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी मत्स्यासन योग के नियमित अभ्यास को काफी लाभप्रद माना जाता है। योगासनों को दिनचर्या में शामिल करके आप कई तरह से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।