काम के चक्कर में लगातार इधर-उधर भागते रहने और व्यस्त शेड्यूल के कारण पैरों पर भारी दबाव पड़ सकता है, जो पैरों में दर्द का कारण बनती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में गड़बड़ी और एक ही स्थान पर लगातार घंटों बैठे रहने की आदत भी पैरों के दर्द की समस्या पैदा कर सकती है। पैरों को आराम देने और उनकी मालिश करने को दर्द का त्वरित समाधान माना जाता है, हालांकि यदि लंबे समय से लगातर आपके पैरों में दर्द बना रहता है तो इसके लिए स्थाई समाधान ढूंढना आवश्यक हो जाता है।
आज का योग: पैरों में दर्द की समस्या से मिलेगा छुटकारा, इन योगासनों का करें अभ्यास
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन या ब्रिज पोज योग को पैरों में दर्द से छुटकारा दिलाने के साथ कमर दर्द को ठीक करने में लाभदायक माना जाता है। पैरों की मांसपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ाने के साथ यह योगासन दर्द के अन्य कारकों को कम करने में सहायक हैं। इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
विपरीतकरणी योग
पैरों के दर्द से राहत दिलाने में विपरीतकरणी योग को फायदेमंद माना जाता है, जिन लोगों को अक्सर पैरों की मांसपेशियों में दर्द या जकड़न बनी रहती है उन्हें इस योग का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और 90 डिग्री के कोण पर दीवार के सहारे पैरों को सेट करें। कुछ मिनटों तक इसी अवस्था में बने रहें फिर पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। यदि आपको मासिक धर्म हैं या आप गर्भवती हैं तो आपको इस मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
उत्तानासन
पैरों के दर्द और जकड़न की समस्या को दूर करने के लिए उत्तानासन योग का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। इस योग को करने के लिए पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग रखते हुए घुटनों को सीधा रखें और आगे की ओर झुकते हुए पैरों के पिछले हिस्से को छूने का प्रयास करें। कमर और रीढ़ के लिए भी इस योगासन को लाभदायक माना जाता है।
पैरों के दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए चाइल्ड पोज या बालासन का नियमित अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इस योग को करने के लिए मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब श्वास अंदर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हथेलियों और सिर को ज़मीन पर टिकाएं। लंबी श्वास अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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