हमारा पूरा शरीर तंत्रिकाओं के जाल से घिरा हुआ है। शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए इन सभी तंत्रिकाओं का स्वस्थ रहना और बेहतर तरीके से काम करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। तंत्रिका तंत्र न्यूरॉन्स नामक विशेष कोशिकाओं की सहायता से आपके पूरे शरीर में संकेत या संदेश भेजने का काम करती हैं। यह संदेश आपको अपने अंगों को हिलाने और दर्द जैसी संवेदनाओं को महसूस करने में मदद करते हैं। अगर तंत्रिकाओं में किसी तरह की समस्या आ जाए तो आपका चलना-उठना भी दूभर हो सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को शरीर का निरंतर विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है।
आज का योगासन: तंत्रिका की समस्याओं को दूर करते हैं ये योगासन, रोजाना कीजिए अभ्यास
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बालासन योग का अभ्यास
मांसपेशियों के तनाव को कम करके आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करने और आराम दिलाने में बालासन योग का अभ्यास सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। शारीरिक रूप से यह मुद्रा पीठ, गर्दन और कंधों से तनाव को दूर करने में मदद करती है। मानसिक और भावनात्मक रूप से भी इस योग के नियमित अभ्यास के कई लाभ हैं। तनाव-चिंता को कम करने के साथ मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को आराम पहुंचाने में इस योग के अभ्यास को काफी कारगर माना जाता है।
सेतुबंधासन योग
सेतुबंधासन योग या ब्रिज पोज़ को कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। पीठ और कमर की समस्याओं से आराम दिलाते हुए रीढ़ की हड्डी के लचीलापन को बढ़ावा देने के लिए इस योग का अभ्यास किया जाता रहा है। यह योग आपकी तंत्रिका तंत्र को आराम दिलाने के साथ शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है। सेतुबंधासन योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक योगासनों में से एक है।
प्राणायाम का अभ्यास करें
कपालभाति और अनुलोम विलोम जैसे प्राणायाम दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में काफी कारगर होते हैं। दूसरी ओर भस्त्रिका, भ्रामरी, उज्जयी जैसे प्राणायाम तंत्रिकाओं को शांत करने और मस्तिष्क के तनाव को कम करने में काफी असरदार हो सकते हैं। नियमित रूप से प्राणायाम के अभ्यास की आदत आपके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों ही तौर से काफी फायदेमंद गतिविधि हो सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।