माइग्रेन का दर्द काफी असहज करने वाला होता है। जिन लोगों को अक्सर माइग्रेन की समस्या रहती है उनके लिए दैनिक जीवन के सामान्य काम को करना भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, माइग्रेन का दर्द अधिक तीव्रता वाला और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता के साथ हो सकता है। कुछ स्थितियां माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को अक्सर माइग्रेन की समस्या होती रहती है उन्हें किसी विशेषज्ञ से मिलकर इसके दार्घकालिक उपचार विधियों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए।
Yoga Tips: माइग्रेन पीड़ित लोगों को भी योग से मिल सकता है लाभ, जानिए किन आसनों को फायदेमंद मानते हैं विशेषज्ञ
अध्ययनों में क्या पता चला?
मेडिकल जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित साल 2020 के एक अध्ययन में पाया गया कि माइग्रेन से पीड़ित जिन लोगों ने 3 महीने तक योग किया, उन्होंने सिर्फ दवा लेने वालों की तुलना में तीव्र सिरदर्द का कम अनुभव किया। विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो सिर्फ योग के माध्यम से माइग्रेन को ठीक नहीं किया जा सकता है, पर योगासन सिरदर्द की तीव्रता और माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले कारकों को कम करने में जरूर सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि किन योगासनों के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है?
इन योगासनों से मिल सकता है लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, माइग्रेन की स्थिति में रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इससे सिर में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, इसलिए आपको ऐसी योग मुद्राओं का अभ्यास करना चाहिए जिसमें आपका सिर आपकी छाती से ऊंचा हो। उदाहरण के लिए, बालासन योग की मुद्रा में आपको लाभ मिल सकता है। अधोमुख शवासन, प्रसारित पदोत्तानासन और हस्तपादासन जैसी मुद्राओं के अभ्यास से भी इस तरह की समस्याओं में लाभ पाया जा सकता है।
बरतें सावधानी
यदि तमाम प्रयासों के बाद भी आपके माइग्रेन की समस्या ठीक नहीं हो पा रही है, तो इस समस्या के लेकर आपको मनोचिकित्सकों से मिलना चाहिए। माइग्रेन की समस्या से बचाव के लिए योगासनों के साथ-साथ डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों का भी सेवन करते रहना आवश्यक माना जाता है। माइग्रेन को ट्रिगर करने वाली स्थितियों से बचाव करते रहना आवश्यक माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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