शरीर के सभी अंगों को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए निरंतर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त रक्त की आवश्यकता होती है। रक्त प्रवाह में होने वाली कमी के कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के विकसित होने का खतरा रहता है। अन्य अंगों की तरह सिर में भी निरंतर रक्त प्रवाह जरूरी है। इसमें आने वाली किसी भी प्रकार की बाधा के कारण कोशिकाओं की क्षति के अलावा गंभीर स्थितियों में स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्या का जोखिम हो सकता है। कुछ अंतर्निहित समस्याओं के कारण रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है।
Yoga Tips: सिर में रक्त संचार बढ़ाकर कई बीमारियों में पा सकते हैं लाभ, जानिए इसके लिए किन आसनों का करें अभ्यास
शीर्षासन योग का अभ्यास
मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देने के लिए रोजाना शीर्षासन योग का अभ्यास करना लाभकारी माना जाता है। सिर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ तनाव कम करने और आंखों को स्वस्थ रखने के लिए इस योग से विशेष लाभ पाया जा सकता है। खोपड़ी में रक्त प्रवाह बढ़ने से आंखों और बालों को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलती है। इस योग को किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
अधोमुख शवासन योग
अधोमुख शवासन योग को विशेषज्ञ स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभप्रद अभ्यास में से एक मानते हैं। मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ तनाव और चिंता को दूर करने, पैरों की मांसपेशियों को मजबूती देने, पीठ के निचले हिस्से में दर्द को कम करने और मांसपेशियों में अकड़न की दिक्कत से छुटकारा दिलाने में इस योग के अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। अधोमुख शवासन योग का अभ्यास पूरे शरीर की मांसपेशियों की सक्रियता को बढ़ाने में काफी मददगार है।
चाइल्ड पोज से मिलता है लाभ
बालासन योग या चाइल्ड पोज भी सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने का सबसे कारगर अभ्यास है। इस योग के नियमित अभ्यास से पीठ और रीढ़ की बेहतर स्ट्रेचिंग हो जाती है। सिर में रक्त का प्रवाह बढ़ने से मस्तिष्क की कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती और मानसिक स्वास्थ्य में भी इससे लाभ पाया जा सकता है। मन की अशांति, चिंता और थकान जैसी समस्याएं इस योग के नियमित अभ्यास से कम होती हैं।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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