स्वस्थ बचपन को सुखद जीवन का आधार माना जाता है, इसके लिए उचित पोषण बहुत आवश्यक है। पर क्या सिर्फ आहार के माध्यम से ही संपूर्ण विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है? विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों को सेहतमंद रखने और उनके विकास को बढ़ाने के लिए आहार के साथ शारीरिक रूप से सक्रियता जैसे योग-व्यायाम की आदत बनाना भी आवश्यक होता है। जो बच्चे योग का अभ्यास करते हैं, उनमें मोटापे का खतरा कम होता है जो आज के समय में बच्चों में बढ़ती सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या मानी जा रही है।
Yoga Tips: स्वस्थ बचपन के लिए बेहतर पोषण के साथ नियमित योग भी जरूरी, बच्चों को इन आसनों का कराएं अभ्यास
सर्वांगासन योग का अभ्यास
योग विशेषज्ञ कहते हैं बच्चों को विशेषज्ञ की निगरानी में ही योगासन कराने चाहिए इससे किसी प्रकार के चोट के जोखिम को कम किया जा सकता है। एक बार आदत बन जाने के बाद ही उन्हें घर पर अभ्यास कराएं। बच्चों के लिए विशेषज्ञ सर्वांगासन योग को फायदेमंद मानते हैं। मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर उसे पोषण देने के साथ हाथ और पैरों को मजबूत करने, रीढ़ की हड्डी को लचीला रखने में इस योग के लाभ हैं। बढ़ते बच्चों के लिए इसे विशेष लाभकारी माना जाता है।
वृक्षासन योग की बनाएं आदत
वृक्षासन योग बच्चों के लिए आसान और काफी फायदेमंद हो सकता है। इस योग को करने से हाथों और पैरों को टोन करने में मदद मिलती है। एकाग्रता शक्ति और ध्यान बढ़ाने के साथ शरीर के संतुलन को ठीक रखने में वृक्षासन योग के अभ्यास की आदत आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। यह आसन बच्चों के पीठ को मजबूत करने और ऊंचाई को बढ़ाने में भी फायदेमंद माना जाता है।
सूर्य नमस्कार के लाभ
सूर्य नमस्कार अभ्यास, कई योगासनों का समूह है जो शरीर और मन दोनों पर काम करता है। हर दिन इसके अलग-अलग अभ्यास को प्रयोग में लाने से संपूर्ण शरीर को लाभ मिल सकता है। सूर्य नमस्कार के आसन तंत्रिका तंत्र को आराम देने, पैरों-कूल्हों में लचीलापन को बढ़ाने और गति में सुधार करने के लिए कारगर है। पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने, शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने और याददाश्त में सुधार करने में भी इसके लाभ हो सकते हैं। सूर्य नमस्कार करने से समग्र स्वास्थ्य कल्याण होता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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