क्या आप भी बिना किसी अंतर्निहित चिकित्सकीय समस्या के हमेशा सुस्त और थका हुआ महसूस करते रहते हैं? अगर हां तो आपको दिनचर्या में विशेष बदलाव की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना 15-20 मिनट के योग की आदत को दिनचर्या का हिस्सा बना लेना आपकी सेहत को गजब के लाभ दे सकता है। योग आपको अधिक ऊर्जावान महसूस कराने, शरीर-मन के संतुलन को बनाए रखने और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं। शोध बताते हैं कि नियमित योग करने वाले लोगों के बीमार पड़ने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में कम होती है।
आज का योग टिप्स: इन योगासनों के अभ्यास के साथ करें दिन की शुरुआत, बनी रहेगी शक्ति और स्फूर्ति
नौकासन योग का अभ्यास
नौकासन योग, आपके शरीर को कई प्रकार से लाभान्वित करने में सहायक अभ्यास है। यह आसन पेट की मांसपेशियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। जिन लोगों को पेट की चर्बी की समस्या है, यह आसन उनके लिए भी मददगार है। पेट के साथ पैर की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग और मजबूती के लिए भी इस योग का नियमित अभ्यास आपके लिए काफी सहायक माना जाता है।
पश्चिमोत्तानासन योग
योग विशेषज्ञ बताते हैं, नियमित रूप से सभी लोगों को पश्चिमोत्तानासन योग के अभ्यास की आदत बनानी चाहिए। यह हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग के साथ रक्त के बेहतर परिसंचरण को बनाए रखने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी के दर्द के कम करने में भी काफी कारगर अभ्यास माना जाता है। इस योग के नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र और पेट के अंग स्वस्थ बने रहते हैं। रीढ़, पीठ, पैर और कमर के लिए यह योगासन काफी फायदेमंद माना जाता है।
कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास
प्राणायाम के अभ्यास को अपनी दिनचर्या की हिस्सा जरूर बनाएं। ये अभ्यास शरीर और मस्तिष्क दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें भी रोजाना दिन की शुरुआत कपालभाति प्राणायाम के साथ करने की कोशिश करें। यह मन को शांति देने के साथ शरीर की ऊर्जा को बढ़ावा देने, अतिरिक्त वसा को कम करने, कैलोरी बर्न करने और पेट की चर्बी कम करने के लिए एक प्रभावी अभ्यास है।
इस योग की तेज और लयबद्ध गति, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करती है। ध्यान रखें कि यह आसन खाली पेट नहीं करना चाहिए। यदि आपकी हाल ही में सर्जरी हुई है, उच्च रक्तचाप, माइग्रेन या यदि आप गर्भवती हैं तो भी इसका अभ्यास न करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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