शरीर के अन्य अंगों की ही तरह से मस्तिष्क को भी बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त की आवश्यकता होती है। शरीर की बनावट ऐसी होती है जो सभी अंगों में रक्त संचरण को व्यवस्थित बनाए रखती है हालांकि हमारे दैनिक जीवन की कुछ आदतें इसमें बाधा बनती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कई अलग-अलग स्थितियां मस्तिष्क के पिछले हिस्से में रक्त के प्रवाह को कम कर सकती हैं। इसके सबसे आम जोखिम कारक धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल हैं। मस्तिष्क में रक्त संचार प्रभावित होने का असर संपूर्ण शरीर के कामकाज पर पड़ता है।
Yoga Tips: मस्तिष्क के कामकाज को ठीक रखने के लिए बेहतर रक्त संचरण आवश्यक, इन योगासनों से पा सकते हैं लाभ
हलासन से रक्त संचार में सुधार
योग विशेषज्ञ हलासन या प्लो पोज के अभ्यास को मस्तिष्क में रक्त के संचार को ठीक बनाए रखने के लिए कारगर तरीका मानते हैं। हलासन योग के अभ्यास से मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने, तंत्रिका तंत्र को शांत करने और तनाव-थकान को कम करने में मदद मिलती है। मस्तिष्क के साथ-साथ शरीर को सभी अंगों में इस योग के नियमित अभ्यास से रक्त संचरण में सुधार होता है। सभी उम्र के लोगों को इसका अभ्यास करना चाहिए।
शीर्षासन योग
मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए जिन योगासनों को सबसे कारगर और असरदार माना जाता है, शीर्षासन योग उनमें से एक हैं। यह योग मुद्रा आपके दिमाग और शरीर, दोनों को मजबूत करने, शारीरिक लचीलेपन को बढ़ाने और आपके तंत्रिका तंत्र को आराम देने में मदद करती है। शीर्षासन योग की मदद से सिर में खून के संचार को बढ़ावा दिया जा सकता है, यह योग बालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी काफी मददगार माना जाता है।
वज्रासन का अभ्यास
वज्रासन उन योगाभ्यासों में से एक है जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह सरल मुद्रा मन को शांत करने, पाचन में सुधार करने और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में सहायक है। वज्रासन योग का अभ्यास हर कोई बड़े ही आसानी से करके लाभ पा सकता है। पीठ के निचले हिस्से के दर्द से राहत दिलाने, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में इस अभ्यास को कारगर माना जाता है।
------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।