योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत बनाना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। सिर से पैर तक, मांसपेशियों-हड्डियों को स्वस्थ रखने और रक्त के संचार को ठीक रखने के लिए विशेषज्ञ योगासनों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्ट्रोक के खतरे को कम करने में भी योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। स्ट्रोक को भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण माना जाता है।
Yoga Tips: World Stroke Day पर जानिए, किन योगासनों की मदद से इस जानलेवा समस्या के जोखिम को कर सकते हैं कम?
पद्मासन योग से स्ट्रोक में लाभ
पद्मासन योग को एकाग्रता, मानसिक नियंत्रण और स्थिरता में सुधार लाने वाले अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। तंत्रिका से संबंधित विकारों को दूर करने और मस्तिष्क में रक्त के संचार को ठीक रखने में इस योग से लाभ पाया जा सकता है। पद्मासन योग रक्तचाप और तनाव जैसी स्थितियों को कंट्रोल करने वाला अभ्यास है जिससे स्ट्रोक के जोखिमों से भी बचाव किया जा सकता है। पेट संबंधी कई बीमारियों में भी इस योगासन के लाभ देखे गए हैं।
भुजंगासन योग का करिए अभ्यास
भुजंगासन योग को मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने वाले लाभकारी योगासनों में से एक माना जाता है। यह योगासन तनाव के स्तर को कम करने और रक्तचाप को कंट्रोल करने का भी एक बेहतर अभ्यास हो सकता है। स्ट्रोक के कारकों से बचाव के लिए नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करना आपको विशेष लाभ प्रदान कर सकता है। इस आसन से पाचन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है। गैस की समस्या, हार्ट बर्न और एसिडिटी को कम करने में भी इस अभ्यास के लाभ पाए गए हैं।
उष्ट्रासन योग की बनाएं आदत
हृदय, रीढ़ और फेफड़ों की लोच में सुधार के साथ-साथ यह आसन शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाने में भी सहायक है। तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने और मांसपेशियों की कठोरता को कम करते हुए शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देने में भी इस योग के लाभ हो सकते हैं। यह आसन मिर्गी, तनाव और मस्तिष्क से संबंधित विकारों को कम करने में भी आपके लिए सहायक है। स्ट्रोक के खतरे से बचे रहने के लिए नियमित रूप से इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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