योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत आपके संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ में सहायक हो सकती है। योग विशेषज्ञ कहते हैं नियमित रूप से योग की आदत बनाकर पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने में मदद मिल सकती है। यह भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में भी लाभकारी है। पाचन स्वास्थ्य ठीक रहने से शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की आदत बनानी चाहिए।
Yoga Tips: भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने और पाचन को ठीक रखने के लिए कीजिए इन योगासनों का अभ्यास
मार्जरी आसन का करें अभ्यास
मार्जरी आसन को कैट काऊ पोज के रूप में भी जाना जाता है जिससे पेट से लेकर पीठ तक कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। इस पोज में बारी-बारी से आंतों को संकुचित करने का अभ्यास किया जाता है जिससे एपिथेलियल कोशिकाओं में ताजा रक्त प्रवाह बढ़ता है। यह आंत के कार्यों को ठीक रखने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक है। मार्जरी आसन के अभ्यास से चूंकि आंतों की समस्याएं दूर होती है, ऐसे में इससे भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नौकासन से पाचन स्वास्थ्य में मिलता है लाभ
पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए नौकासन योग को भी काफी लाभकारी माना जाता है। इस योग के अभ्यास की आदत बनाने से आंतों और लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। यह योग पाचक रसों के स्राव में सुधार करके पाचन को उत्तेजित करने में मदद करता है। नौकासन योग के अभ्यास से पीठ और पेट की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। नौकासन योग डायबिटीज जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
उष्ट्रासन योग का करिए अभ्यास
उष्ट्रासन योग के अभ्यास से पाचन से संबंधित विकारों जैसे कब्ज और गैस की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। यह आसन पाचन अंगों की स्ट्रेचिंग और आंतों के लिए विशेष लाभकारी है। छाती को खोलने के साथ आंत और फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने के लिए नियमित रूप से इस योग का अभ्यास किया जा सकता है। रीढ़ की स्ट्रेचिंग के साथ सर्वाइल की समस्याओं से परेशान लोगों को भी उष्ट्रासन योग के नियमित अभ्यास से फायदा मिल सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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