Senior Citizen Yoga Guide: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। मांसपेशियों की ताकत कम होना, जोड़ों में अकड़न, संतुलन बिगड़ना और जल्दी थकान महसूस होना बुजुर्गों की आम परेशानियों में शामिल हैं। ऐसे में नियमित योग शरीर को सक्रिय रखने, लचीलापन बढ़ाने और मानसिक शांति पाने में मददगार हो सकता है।
बुजुर्गों के लिए योग: 60 के बाद कौन-सा योग करना चाहिए? उम्र के हिसाब से जानें सही अभ्यास और सावधानियां
60 वर्ष के बाद योग का उद्देश्य कठिन आसन करना नहीं, बल्कि शरीर को सक्रिय रखना और रोजमर्रा के कामों में आत्मनिर्भरता बनाए रखना होना चाहिए। उम्र के साथ अभ्यास आसान हो सकता है, लेकिन नियमितता और सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए
60 से 70 साल की उम्र में कौन सा योग करें?
इस उम्र में शरीर की सक्रियता, लचीलापन और संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। ताड़ासन का आसान रूप, कुर्सी पर बैठकर हाथ-पैरों को हल्का स्ट्रेच करना और सहारे से बैठना-उठना उपयोगी अभ्यास हो सकते हैं।
अभ्यास का तरीका: कुर्सी पर सीधे बैठकर कंधों को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करें। फिर हाथों को आरामदायक सीमा तक ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे नीचे लाएं। प्रत्येक अभ्यास 5–8 बार करें। खड़े होकर ताड़ासन करना हो तो दीवार या मजबूत कुर्सी का सहारा लें।
70 से 80 साल की उम्र में अपनाएं आसान योग
इस उम्र में योग का चुनाव जोड़ों की स्थिति, मांसपेशियों की ताकत और संतुलन के आधार पर करना चाहिए। कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले हल्के स्ट्रेच, टखनों को घुमाना, कंधों की हलचल और सहज श्वास अभ्यास अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
अभ्यास का तरीका: कुर्सी पर पीठ सीधी रखकर बैठें। दोनों पैरों को जमीन पर टिकाएं। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। इसके बाद टखनों को आराम से घुमाएं और कंधों को हल्का चलाएं। शुरुआत में 5 मिनट पर्याप्त हो सकते हैं; अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाएं।
80 साल से अधिक उम्र में कौन सा योग करें?
80 वर्ष से अधिक उम्र में भी योग किया जा सकता है, लेकिन अभ्यास व्यक्ति की सेहत और चलने-फिरने की क्षमता के अनुसार होना चाहिए। कुर्सी पर बैठकर श्वास अभ्यास, हाथों की हल्की गति और सहज गर्दन-कंधे के स्ट्रेच उपयोगी हो सकते हैं।
अभ्यास का तरीका: आरामदायक कुर्सी पर बैठें और सामान्य गति से सांस लें। सांस रोकने या जोर लगाने से बचें। यदि व्यक्ति को बार-बार चक्कर आते हैं, हाल में गिरने की घटना हुई है या चलने में काफी परेशानी है, तो पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।
बुजुर्गों को योग करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए ?
- शुरुआत 5-10 मिनट के हल्के अभ्यास से करें और जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
- योग के दौरान मजबूत कुर्सी या दीवार का सहारा लें।
- सिर के बल किए जाने वाले आसन, गहरे आगे झुकने और कठिन संतुलन वाले आसनों से बचें, खासकर बिना प्रशिक्षक की निगरानी के।
- हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, ग्लूकोमा, घुटने या कमर की समस्या होने पर अभ्यास डॉक्टर की सलाह से चुनें।
- दर्द, सीने में असहजता, सांस फूलने या चक्कर आने पर तुरंत रुक जाएं।
- विशेषज्ञ संस्थाओं के अनुसार, योग संतुलन, लचीलेपन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन सही आसन और उसकी तीव्रता का चुनाव जरूरी है।