टिनिटस: आपके कानों में भी अक्सर बजती रहती है सीटी या घंटी जैसी आवाज? कहीं ये गंभीर तो नहीं, कब हो जाएं सावधान?
Ringing in Ears: कान में अचानक सीटी या घंटी जैसी आवाज सुनाई देना टिनिटस हो सकता है। इसके पीछे तेज शोर, कान में मैल या सुनने की क्षमता में कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यदि अचानक सुनाई देना कम हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर की सहायता लें।
क्यों होती है टिनिटस की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, टिनिटस कई कारणों से हो सकती है। कान के आंतरिक हिस्से (कॉक्लीआ) की नाजुक बालों जैसी कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने के कारण ये समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती रही है। इसके अलावा अक्सर तेज आवाज के संपर्क में रहना, कान में मैल जमा होना या फिर कुछ दवाओं के कारण भी टिनिटस की दिक्कत हो सकती है।
- तेज आवाज या ईयरफोन का ज्यादा आवाज में इस्तेमाल करना कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है।
- कान में मैल जमा होने से कान का रास्ता बंद हो सकता है, जिससे सुनने में परेशानी हो सकती है।
- उम्र बढ़ने या कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचने के कारण भी टिनिटस हो सकता है।
- कुछ दवाएं कान में आवाज आने या सुनने की क्षमता को कर सकती हैं।
अचानक कान में आवाज आए तो क्या करें?
अगर कान में अचानक सीटी जैसी आवाज सुनाई दे, तो सबसे तेज आवाज वाली चीजों से बचाव करें। ईयरफोन या हेडफोन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे हटा दें।
डॉक्टर कहते हैं, कान में दिक्कत होने पर अक्सर लोग उंगली, ईयरबड या कोई नुकीली वस्तु डालकर सफाई करने की कोशिश करते हैं, पर ये चीजें कान को बहुत नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तेल या ड्रॉप्स डालने भी नहीं डालनी चाहिए।
- अगर आवाज कुछ देर में बंद हो जाए तो ये सामान्य हो सकती है हालांकि लगातार दिक्कत बनी रहती है या बढ़ती जाती है तो समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच कराएं।
कान की दूसरी समस्याओं पर भी दें ध्यान
कान में आवाज आने के साथ कुछ अन्य लक्षणों पर भी सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
- एक या दोनों कानों से अगर अचानक सुनाई देना कम हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं।
- कानों में समस्याओं के कारण आवाज के साथ चक्कर आने, संतुलन बिगड़ने या चलने में परेशानी भी हो सकती है, जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
डॉक्टर बताते हैं, टिनिटस की समस्या से बचे रहने के लिए ईयरफोन का वॉल्यूम हमेशा कम रखें, तेज शोर वाली जगहों पर कानों की सुरक्षा के लिए ईयरप्लग इस्तेमाल करें। कान में मैल होने पर खुद निकालने के बजाय डॉक्टर की मदद लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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