आर्थराइटिस की समस्या वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, कम उम्र के लोग भी जोड़ों की इस दिक्कत के शिकार हो रहे हैं। आर्थराइटिस के कारण थोड़ी दूर चलना, सीढ़ियां चढ़ना तक भी कठिन हो जाता है। जोड़ों में दर्द की यह समस्या काफी कष्टकारक होती है और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या को ठीक रखने और शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने की सलाह दी जाती है जिससे इस तरह की समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सके। वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती इस समस्या के जोखिम को कम करने और इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 12 अक्तूबर को वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है।
Yoga Tips: जोड़ों की समस्याओं में योगासनों से मिलता है लाभ, गठिया से बचना है तो जरूर करें ये अभ्यास
वॉरियर पोज के अभ्यास से होने वाले लाभ
वॉरियर पोज योग करने से शरीर की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ रक्त के संचार को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। यह योगाभ्यास अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है, जिसके लिए आपको बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। वॉरियर पोज घुटनों को मजबूत करने और जोड़ों पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव को कम करने में आपके लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। रीढ़ के लचीलेपन को सधारने और पूरे शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए वॉरियर पोज योग के नियमित अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
उत्तनासन योग का करें अभ्यास
उत्तनासन योग यानी कि आगे की ओर झुकने के इस अभ्यास से न सिर्फ जोड़ों को मजबूती मिलती है साथ ही इसे रीढ़ और पीठ के लिए भी कारगर अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। फॉरवर्ड फोल्ड के रूप में जाने जाना वाला यह अभ्यास आपके कूल्हों और घुटनों को मजबूत करने और आपके पैरों के लचीलेपन में भी सुधार करने में भी मदद करता है।
उत्तनासन योग को शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त के संचार को बढ़ाने वाले आसन के तौर पर भी जाना जाता है। नियमित रूप से इस योग के अभ्यास की आदत शरीर के लचीलेपन में सुधार करने के साथ पैरों को मजबूती देने में भी लाभकारी है।
सेतुबंधासन योग से मिलता है आराम
गठिया की समस्याओं को कम करने और पीठ-कमर में दर्द की दिक्कतों से राहत पाने के लिए सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। ब्रिज पोज घुटने के जोड़ों को मजबूत करता है और ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित लोगों के लिए मददगार हो सकता है। जिन लोगों को अक्सर पीठ-कमर में दर्द की शिकायत बनी रहती है उनके लिए भी सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास को विशेष लाभप्रद माना जाता है। सेतुबंधासन योग का अभ्यास करने वालों में आर्थराइटिस रोग विकसित होने का जोखिम कम होता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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