Yoga Asanas : स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए योग लाभकारी है। योग के अभ्यास से शरीर की सक्रियता बनी रहती है और मांसपेशियों में मजबूती आती है। अधिक उम्र में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। 50 के बाद शरीर कमजोर होने लगता है। हड्डियों में दर्द रहता है और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करती हैं। योग विशेषज्ञ कहते हैं कि नियमित योग के अभ्यास से इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है। शरीर दर्द से निजात पाया जा सकता है। आंखों की रोशनी, मांसपेशियों की जकड़न, हड्डियों की कमजोरी से निजात पाया जा सकता है। वहीं रक्तचाप को बेहतर बनाया जा सकता है। शोध बताते हैं, दिनचर्या में रोजाना 30 मिनट योग-व्यायाम के अभ्यास से शरीर को आसानी से सक्रिय बनाए रख सकते हैं। इससे हड्डियों और मांसपेशियों की कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। यहां कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताया जा रहा है जो 60 वर्ष की आयु के बाद हर बुजुर्ग को करने चाहिए।
Yoga Tips: 60 की उम्र के बाद नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास, कई समस्याओं से मिलेगी राहत
चेयर पोज योगासन
बढ़ती उम्र की जटिलताओं को कम करने और शरीर को फिट रखने के लिए नियमित तौर पर चेयर पोज योग का अभ्यास कर सकते हैं। इस योग को करने के लिए 60 वर्ष की आयु के लोग दीवार का सहारा ले सकते हैं। इससे शरीर के लचीलेपन में सुधार होता है और अंगों में होने वाले दर्द से निजात मिलता है। इस योग को करने से बेहतर रक्त परिसंचरण बनाए रखने में सहायक है। शरीर का संतुलन बनाए रखने और पैरों व घुटनों की समस्याओं को कम करने में सहायक है।
ट्री पोज
इस आसन को वृक्षासन कहते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद अक्सर शारीरिक संतुलन में कमी की समस्या देखने को मिलती है। ट्री पोज के अभ्यास से पोस्चर और शरीर के एलाइनमेंट में सुधार होता है। उच्च रक्तचाप, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए इस योग के अभ्यास की आदत डालें।
प्राणायाम के लाभ
वरिष्ठ लोगों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्राणायाम के अभ्यास की आदत बनानी चाहिए। उम्र बढ़ने पर याददाश्त संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। प्राणायाम के नियमित अभ्यास से अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। मन शांत रखने, प्रसन्न रहने और चिंता विकारों को कम करने के लिए प्राणायाम का अभ्यास करें।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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