Mother's Day Yoga Asanas during Pregnancy हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। मदर्स डे दुनिया की हर मां के नाम समर्पित दिन होता है। इस दिन लोग अपनी मां को खास महसूस कराते हैं और उन्हें इस दुनिया में लाने, पालन पोषण करने व उनके स्नेह के लिए धन्यवाद करते हैं। महिलाओं के लिए भी मां बनना और मातृत्व की भावना को महसूस करना बेहद खास अहसास होता है। इस भावना को महसूस करने के लिए महिलाओं को अपनी गर्भावस्था के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्भावस्था में स्वस्थ रहने और प्रसव के दौरान कोई परेशानी न हो, इसलिए गर्भवती को पौष्टिक आहार के साथ ही नियमित कुछ योगासन का अभ्यास करना चाहिए। मां बनने जा रही हैं तो इस मदर्स डे से शुरू कर दें नियमित तौर पर कुछ योगासनों का अभ्यास और जान लें कि गर्भावस्था में क्या नहीं करना चाहिए।
Mother's Day Yoga: बनने वाली हैं मां? जानें गर्भावस्था में कौन से योगासन करें और किन योग के अभ्यास से बचें
गर्भवती के लिए योग
चेयर पोज
गर्भवती महिलाओं के लिए चेयर पोज का अभ्यास लाभकारी है। इस आसन से जांघों और पेल्विक की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। साथ ही इस योग से प्रारंभिक गर्भावस्था में अतिरिक्त वजन को कम करने में भी सहायता मिलती है। हालांकि गर्भावस्था में कोई भी योग करने से पहले एक बार डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह ले लें।
भद्रासन योग का अभ्यास
गर्भावस्था में महिलाएं भद्रासन का अभ्यास कर सकती हैं। इस योग से जांघ और पैरों के अंदरूनी हिस्से की थकान को दूर किया जा सकता है। इस आसन को करने के लिए सीधे बैठकर अपने पैरों को इस तरह मोड़ें जैसे कि तितली के पंख हों। इस दौरान हाथों को घुटनों पर रखकर गहरी सांस लें। प्रेग्नेंसी के दौरान की जटिलताओं को कम करने के साथ ही स्वास्थ्य को बेहतर रखने में भद्रासन फायदेमंद योग है।
सुखासन
स्वस्थ शिशु और प्रसव के दौरान की जटिलताओं से बचने के लिए गर्भवती को नियमित तौर पर सुखासन का अभ्यास का अभ्यास करना चाहिए। इस आसन को करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है। अनिद्रा से राहत मिलती है और मानसिक तनाव दूर होता है। गर्भवती अपनी क्षमता के अनुसार ही सुखासन का अभ्यास करें।
गर्भवती को रखना चाहिए इन बातों का ध्यान
- गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों तक खड़े होकर किए जाने वाले आसन करें।
- अधिक थका देने वाले या ज्यादा फुर्तीले आसन के अभ्यास से बचें।
- गर्भावस्था के चौथे और पांचवे महीने कोई भी योगासन नहीं करना चाहिए।
- अगर आपने पहले कभी योग नहीं किया तो प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही यानी 14वें हफ्ते के आसपास से योग करना शुरू करें।
------------------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।