बदलती लाइफ स्टाइल में नींद पर्याप्त मात्रा में मिलना बहुत जरूरी है। नींद से ही ना केवल मस्तिष्क को बल्कि शरीर को भी आराम मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं जरूरत से ज्यादा समय तक सोते रहना भी आपके के लिए कई बीमारियों का कारण बन सकता है। कहने का तात्पर्य यह है कि ज्यादा नींद भी शरीर में कई तरह के रोग पैदा कर सकती है। आइए जानते हैं कैसे आपके लिए ज्यादा सोना खतरनाक हो सकता है।
डिप्रेशन की संभावनाः जरूरत से ज्यादा सोना डिप्रेशन का कारण बन सकता है। पीएलओएस में हाल ही में छपी एक स्टडी के मुताबिक ज्यादा सोना डिप्रेशन का कारण बन सकता है। इसके अलावा अधिक सोने से सुस्ती बनी रहती है। यह आलस्य और कार्य व दैनिक जीवन में कई चीजों के प्रति अरुचि को बढ़ाता है। जाहिर है ये सारी चीजें मनोवैज्ञानिक रूप से भी असर डालती है। बेहतर है कि आप जरूरत के अनुसार सोएं।
पीठ दर्दः अधिक सोने से पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। यदि आपका काम कंप्यूटर पर है और एक ओर कुर्सी पर बैठकर घंटों काम करते हैं और दूसरी ओर ज्यादा देर तक सोते हैं तो यह आपकी पीठ दर्द का कारण बन सकता है। इसके अलावा यह आपकी गर्दन, व कंधों में भी दर्द का कारण बन सकता है। कई बार पीठ दर्द, कमर दर्द और गर्दन व कंधे के दर्द के पीछे ठीक से ब्लड सकुर्लेशन का ना होना होता है। ऐसे में यदि आप बैठ रहते हैं या फिर सोते रहते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो अधिक सोना आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
मोटापाः ज्यादा सोने से मोटापे की समस्या बढ़ सकती है। जाहिर है अधिक सोना यानी की नो फिजिकल एक्टिविटी और नो फिजिकल एक्टिविटी का मतलब है खाना, बैठना और घंटों सोना। वजन का बढ़ना तय है। खास बात यह है कि फिजिकल एक्टिविटी ना होने व अधिक सोने से डाइजेशन सिस्टम पर असर होता है और पाचन क्रिया धीमी होने से कब्जियत होती है और यही ओबेसिटी की वजह बनती है।
डायबिटीज का खतराः अधिक सोने से फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर होती है जिससे शुगर का खतरा बढ़ जाता है। जर्नल पीएलओएस (PLoS) में छपी एक स्टडी कहती है कि 9 घंटे से ज़्यादा नींद शरीर में शूगर होने का खतरा बढ़ाती है।