डायबिटीज का नाम आते ही अक्सर लोगों का ध्यान चीनी और मीठी चीजों पर जाता है। लेकिन सिर्फ मीठी चीजें ही डायबिटीज के मरीजों का दुश्मन नहीं है। हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ नमक भी कम खाने की सलाह देते हैं, क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज वालों के लिए भी ज्यादा नमक खाना खतरे से खाली नहीं है?
जानना जरूरी: शुगर वाले मरीजों को नमक कम खाने की सलाह क्यों दी जाती है? क्या होता है इसका सेहत पर असर
नमक सीधे चीनी की तरह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता। लेकिन ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और डायबिटीज में दिल व किडनी से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम भी बढ़ा सकता है। पैकेज्ड और बाहर के खाने में छिपे सोडियम को लेकर भी अलर्ट रहना चाहिए।
डायबिटीज वालों में ब्लड प्रेशर का खतरा
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नमक और चीनी का असर एक जैसा नहीं होता। ज्यादा सोडियम वाली चीजें खाने से ब्लड शुगर सीधे नहीं बढ़ता, लेकिन इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
- डायबिटीज के मरीजों में ब्लड प्रेशर की दिक्कत अधिक होती है, अगर वो नमक ज्यादा खाते हैं तो इससे दिल, रक्त वाहिकाओं, आंखों और किडनी के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे लोगों के लिए खाने में नमक की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
किडनी की समस्या है तो और सावधानी जरूरी
लंबे समय तक ज्यादा ब्लड शुगर रहने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। डायबिटीज वाले लोगों में किडनी की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।
- ऐसे में ज्यादा नमक शरीर में पानी रोक सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
- इससे किडनी पर दबाव और बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के साथ किडनी की बीमारी होने पर लो सोडियम वाली चीजों को ही आहार में शामिल करना चाहिए।
भोजन के अलावा इन चीजों में भी होता है नमक
अक्सर लोग सोचते हैं कि खाना बनाते समय नमक कम कर दिया तो सोडियम भी कम हो गया, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।
- पैकेज्ड और बाहर के खाने में भी काफी सोडियम हो सकता है। नमकीन, चिप्स, सॉस, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और कई प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इसलिए पैकेट वाली चीजें खरीदते समय में सोडियम की मात्रा देखना जरूरी है।
जान लीजिए ये बातें
डायबिटीज वाले हर व्यक्ति के लिए नमक की एक ही मात्रा तय नहीं होती। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या दिल की बीमारी है या शरीर में पानी जमा होता है, तो डॉक्टर इसका सेवन कम रखने की सलाह दे सकते हैं।
- नमक पूरी तरह बंद करने के बजाय अपनी बीमारी और दवाओं के हिसाब से डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
- नमक की मात्रा ज्यादा कम कर देने से लो-सोडियम का खतरा हो सकता है, जिससे चक्कर आने, कमजोरी सहित कई अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।
- डायबिटीज में मीठे के साथ-साथ नमक पर नजर रखना भी शरीर की लंबी अवधि की सेहत के लिए जरूरी हो सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।