सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए विशेषज्ञ रोजाना योग-व्यायाम की आदत को बहुत आवश्यक मानते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए रोजाना योगाभ्यास करने की आदत न सिर्फ शरीर को फिट और सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है, साथ ही इस आदत को कई प्रकार के रोगों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है।
Yoga Tips: चाइल्ड पोज योग सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, सभी उम्र वालों के लिए जरूरी, जानिए इसके क्या फायदे हैं?
चाइल्ड पोज योग कैसे किया जाता है?
बालासन योग का अभ्यास काफी आसान है और इसे हर उम्र के लोग सुलभता के साथ कर सकते हैं। शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए रोजाना इस योग की आदत बनाना आपके लिए विशेष लाभप्रद माना जाता है। चाइल्ड पोज योग करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाएं और आगे घुटने को मोड़े हुए आगे की तरफ झुकें। हाथो को सीधा फैलाए रखें। कुछ सेकंड्स से लेकर इसी मुद्रा में रहे और फिर वापस वज्रासन में आ जाएं।
चाइल्ड पोज योग करने के क्या लाभ हैं?
चाइल्ड पोज योग का अभ्यास काफी सरल, पर कई तरह के स्वास्थ्य लाभ वाला माना जाता है।
- यह मुद्रा आपकी रीढ़, जांघों, कूल्हों और टखनों की स्ट्रेचिंग के लिए फायदेमंद है।
- गहरी सांस लेने वाले अभ्यास के साथ बालासन करना, आपके मन को शांत करके चिंता और थकान को कम कर सकती है।
- बालासन मुद्रा आपके सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है।
- इस मुद्रा में आपके पेट पर हल्का दबाव पड़ता है जो पाचन को सक्रिय रखने में सहायक है।
- बालासन आपकी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों, छाती, हैमस्ट्रिंग और कंधों से अतिरिक्त तनाव को कम करने में सहायक है।
चाइल्ड पोज की सावधानियां
वैसे तो चाइल्ड पोज काफी सरल और कारगर योगाभ्यास है पर कुछ स्थितियों में इसे न करने की सलाह दी जाती है। घुटने या पीठ में दर्द होने पर बालासन करने से बचें। इसके अलावा जिन लोगों को रक्तचाप की समस्या बनी रहती है उनको भी इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। किसी विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहतर माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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