दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ गया है। भारत में भी खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही आपका वैक्सीनेशन हो चुका हो फिर भी कोरोना से बचाव के उपाय लगातार करते रहें। इसके अलावा प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाले उपाय भी करते रहना जरूरी है। अध्ययनों में पाया गया है कि ये नए वैरिएंट्स सिर्फ उन लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ाते हुए देखे जा रहे हैं जिनकी इम्युनिटी कमजोर है।
Yoga Tips: बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, योग के इन आसनों की मदद से बूस्ट कर सकते हैं इम्युनिटी पावर
योग का अभ्यास है कारगर
प्राकृतिक प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में योग सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। शोध में पाया गया है कि योग, तनाव वाले हार्मोन को कम करने के साथ लसीका प्रणाली को उत्तेजित करते हुए तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी कारगर है। योग मन को शांत करता है और अच्छी नींद में योगदान करता। ये सभी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।
आइए जानते हैं कि इसके लिए कौन-कौन से अभ्यास किए जा सकते हैं?
प्राणायाम है मददगार
योग विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित रूप से प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर प्रतिरक्षा को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है। कपालभाति और भस्त्रिका, दो ऐसे अभ्यास हैं जिन्हें आप फेफड़ों को साफ करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करने के लिए कर सकते हैं। यदि आप श्वसन तंत्र से संबंधित किसी बीमारी या पाचन संबंधी समस्या से पीड़ित हैं, तो नाड़ी शोधन सबसे अच्छा विकल्प है। प्राणायाम सभी के लिए विशेष लाभकारी है।
ये अभ्यास हो सकते हैं लाभकारी
प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए इन योगासनों को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
- हलासन थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है।
- सेतुबंधासन हृदय को खोलता है और रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और ये इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है।
- बालासन मन को शांत करने और दिमाग को आराम देने के लिए एक उत्कृष्ट मुद्रा है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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